NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

कुल्लू दशहरा विवाद: देवता के कारकून ने तहसीलदार को दी चेतावनी, प्रशासन ने शुद्धीकरण का खर्चा उठाया

कुल्लू/03/10/2025

kullu

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू दशहरा में देवता भृगु ऋषि के टेंट को लेकर तहसीलदार हरि सिंह यादव और स्थानीय कारकूनों के बीच विवाद उभरा। ग्राम पंचायत रतोचा के उपप्रधान और देवता के कारकून रिंकु शाह ने बताया कि माता चामुंडा और भृगु ऋषि के शिविर के टेंट और जगह को लेकर प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों के आने के दौरान धक्का-मुक्की और जूतों से टेंट में घुसने की घटना ने स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का दिया।

रिंकु शाह ने कहा कि तहसीलदार ने दावा किया कि वह इस मेले का मुखिया है, जबकि यह अधिकार चुने हुए नुमाइंदा का है। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर कहीं भी जाना है तो जूते उतारें, वर्ना हम टांगें तोड़ देंगे।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि देवता के शुद्धीकरण का खर्चा कौन देगा।

इस विवाद में तहसीलदार ने माफी मांगी और देवता के अस्थाई शिविर में शुद्धीकरण का खर्चा उठाने की हामी भी भरी। माता चामुंडा धारा मंदिर कमेटी के सदस्य झाबे राम ने कहा कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में देवी-देवताओं का अपमान न हो और बैठने की व्यवस्था सही हो।

बंजार से भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि तहसीलदार का रवैया लगातार गलत रहा है और 2023 में इन्हीं अधिकारियों ने 18 देवताओं के तंबू उखाड़े थे। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे अधिकारियों को कुल्लू में क्यों तैनात किया गया। शौरी ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में तहसीलदार के खिलाफ प्रिवलेज मोशन दिया है और कार्रवाई की जा रही है।

वहीं, इस मामले को लेकर तहसीलदार ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी और फिलहाल मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि दशहरा में 1200 से अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात थे, फिर भी इस घटना को रोकने में विफलता क्यों हुई।

गौरतलब है कि तहसीलदार से मारपीट और खदड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें तहसीलदार ने देवता और उनके कारकूनों का अपमान किया। फिलहाल विवाद शांत हो गया है, लेकिन प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना कुल्लू दशहरा के दौरान प्रशासन और स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच उत्पन्न तनाव को उजागर करती है।

Scroll to Top