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कुनिहार में राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी का बड़ा ऐलान: दशहरा-गांधी जयंती पर जलेंगे 68 विधायकों के पुतले

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हिमाचल प्रदेश के कुनिहार में आज राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी (आरडीपी) ने बड़ा आंदोलन शुरू करने की घोषणा की। पार्टी नेता रूमित सिंह ठाकुर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि आगामी 2 अक्टूबर को दशहरा और महात्मा गांधी जयंती के पावन अवसर पर राज्यभर के 68 विधायकों के पुतले जलाए जाएंगे।

ठाकुर ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन विधायकों द्वारा जनता के साथ किए जा रहे अन्याय और आपदा प्रभावित लोगों के अधिकारों पर डाका डालने के खिलाफ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में विधानसभा में विधायकों ने अपनी सैलरी और भत्तों में भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दी, जबकि राज्य में आपदा से प्रभावित परिवार अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायकों के लिए 100 करोड़ रुपये निजी आवास निर्माण और रखरखाव के लिए स्वीकृत किए गए, जबकि यह राशि वास्तव में आपदा राहत कोष से संबंधित होनी चाहिए थी। ठाकुर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा – "यह आपदा पीड़ितों का खून-पसीना है, जिसे विधायक अपनी विलासिता पर उड़ाने में लगे हैं। हम इस अन्याय के खिलाफ असहयोग आंदोलन चलाएंगे।"

आरडीपी ने फैसला लिया है कि यह आंदोलन जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा। कुनिहार सहित मंडी जिले के अन्य क्षेत्रों में भी कार्यक्रम होंगे। पार्टी ने दावा किया है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और जनता को जागरूक करने के लिए प्रतीकात्मक पुतला दहन किया जाएगा।

ठाकुर ने आपदा प्रभावित परिवारों से अपील की कि वे इस आंदोलन में भाग लें और सरकार पर दबाव बनाएं। उन्होंने कहा कि जब जनता की आवाज़ बुलंद होगी तभी सत्ताधारी वर्ग अपनी जिम्मेदारियों को समझेगा।

हिमाचल प्रदेश में हाल के वर्षों में आई प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट दी है। घर-बार और रोजगार गंवाने वाले परिवार अब भी संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे समय में विधायकों की वेतन वृद्धि और आवासीय खर्चों की स्वीकृति ने जनता के असंतोष को और भड़का दिया है।

रूमित सिंह ठाकुर, जो पहले देवभूमि क्षत्रिय संगठन से जुड़े रहे हैं, लंबे समय से सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। गिरफ्तारी के कुछ पुराने मामलों के बावजूद ठाकुर क्षेत्रीय राजनीति में लगातार सक्रिय हैं और जनता के हितों के लिए आंदोलन करते रहे हैं।

पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह विरोध गांधी जी के अहिंसा सिद्धांतों के अनुरूप होगा ताकि दशहरा और गांधी जयंती की भावना बरकरार रहे।

अधिक जानकारी और आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों के लिए पार्टी के स्थानीय कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

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