लेह हिंसा: 5 मौतें, 50 हिरासत में, तनाव के बीच कर्फ्यू लागू
श्रीनगर/25/09/2025
लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने की मांग ने लेह में हालात को बुरी तरह बिगाड़ दिया है। गुरुवार को हुई हिंसा में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं। दर्जनों घायल हैं, जिनमें सुरक्षाबलों के जवान भी शामिल हैं। हिंसा के बाद प्रशासन ने लेह में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा और कर्फ्यू लागू कर दिया है।
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार शाम से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लेह की सड़कों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती बनी हुई है। पांच से अधिक लोगों के एक साथ जुटने पर रोक है। गृह मंत्रालय ने भी लोगों से सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो या अफवाहें फैलाने से बचने की अपील की है।
हजारों लोगों का मार्च उस समय हिंसा में बदल गया जब प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय और लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (LAHDC) परिसर पर हमला कर वाहनों और भवनों में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 15 दिन का अनशन खत्म करते हुए युवाओं से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता न अपनाएं। उन्होंने कहा, “हमने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके अपनाए हैं, लेकिन सरकार की चुप्पी से गुस्सा बढ़ा है।”
उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि यह लद्दाख की परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई दिल्ली वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन “अराजकता फैलाने वालों” पर सख्त कार्रवाई होगी। हिंसा की वजह से प्रशासन ने लद्दाख महोत्सव का समापन समारोह रद्द कर दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज रही। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) के अध्यक्ष थुपस्तान त्सवांग ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी और लद्दाख की मांगें संवैधानिक दायरे में ही पूरी होनी चाहिए। वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह अशांति दिल्ली के लिए आंखें खोलने वाली है। उन्होंने लिखा, “2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने पर जश्न मनाने वाले अब विश्वासघात और गुस्सा महसूस कर रहे हैं।”