NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

लेह हिंसा: सोनम वांगचुक गिरफ्तार, लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू और स्कूल-कॉलेज बंद

लेह/26/09/2025

leh person

लेह, लद्दाख – लद्दाख में 24 सितंबर 2025 को हुए प्रदर्शन और हिंसा के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने वांगचुक पर दो दिन पहले हुई हिंसा के लिए जिम्मेदारी ठहराई। हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि गिरफ्तारी किस धाराओं के तहत हुई है। लेह में लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू जारी है और स्कूल-कॉलेज शनिवार तक बंद रहेंगे।

हिंसा प्रदर्शन के दौरान लेह में चार युवाओं की मौत हुई और लगभग 80 लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं। अब तक इस मामले में 60 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हिंसा के पीछे कारण लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग थी।

उधर, गृह मंत्रालय ने वांगचुक को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया और उनकी NGO SECMOL (Students Educational and Cultural Movement of Ladakh) का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। इसके अलावा, Himalayan Institute of Alternatives Ladakh (HIAL) के खिलाफ भी FCRA उल्लंघन के आरोप में जांच शुरू कर दी गई है। FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act, जिसके तहत कोई भारतीय NGO विदेश से चंदा या ग्रांट लेने के लिए सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य होता है।

CBI की टीमें लद्दाख में NGO के अकाउंट्स और रिकॉर्ड्स की जांच कर रही हैं। वांगचुक ने कहा कि उनकी संस्थाएं विदेशी चंदे पर निर्भर नहीं हैं और जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा और HIAL में प्रोजेक्ट स्टाइपेंड देती हैं। उन्होंने बताया कि CBI को केवल 2022-2024 के खातों की जांच करनी थी, लेकिन अब 2020-21 के रिकॉर्ड भी देखे जा रहे हैं।

हिंसा कैसे भड़की, इसके दो मुख्य कारण रहे – पहली, प्रदर्शनकारियों ने 23 सितंबर की रात सोशल मीडिया के माध्यम से 24 सितंबर को लेह बंद बुलाया और बड़ी तादाद में लोग हिल काउंसिल पहुंचे। दूसरी, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों में आग लगाई और तोड़फोड़ की।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देना, छठी अनुसूची में संवैधानिक सुरक्षा, कारगिल और लेह के लिए अलग लोकसभा सीट और सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों की भर्ती हैं। इन मांगों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच अगली बैठक 6 अक्टूबर 2025 को दिल्ली में होगी।

वांगचुक ने कहा कि पहले स्थानीय पुलिस ने उन पर राजद्रोह का केस लगाया और कुछ पुरानी शिकायतें भी दोबारा खोली गईं, जिनमें मजदूरों को वेतन न देने के आरोप शामिल थे। इसके अलावा, सरकार ने HIAL को दी गई जमीन का पट्टा रद्द कर दिया, जबकि उनके पास दस्तावेज थे कि फीस न लेने की अनुमति पहले ही दी गई थी। आयकर विभाग से भी नोटिस आने के बाद अब CBI जांच कर रही है।

सोनम वांगचुक ने कहा कि उनकी दोनों संस्थाएं गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा देती हैं और विदेशी फंडिंग का उपयोग केवल शिक्षण और स्टाइपेंड के लिए होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जांच में सहयोग के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं।

Scroll to Top