लेह हिंसा के बाद सोनम वांगचुक पर शिकंजा, संस्था का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद, सीबीआई जांच भी जारी
लेह/26/09/2025
लेह: लेह हिंसा के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक विदेशी फंडिंग में अनियमितताओं के मामले में जांच के घेरे में आ गए हैं और उनकी एक संस्था का विदेशी फंडिंग प्राप्त करने का लाइसेंस सरकार ने रद्द कर दिया है। उनकी दूसरी संस्था में कथित विसंगतियों की जांच सीबीआई कर रही है। बता दें कि बुधवार को लेह में हुई हिंसा के लिए केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक के भड़काऊ भाषणों को जिम्मेदार ठहराया था। उस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और 89 लोग घायल हुए थे। उधर, स्वयं पर शिकंजा कसते देख सोनम वांगचुक ने सरकार को धमकी दी है कि यदि उनकी गिरफ्तारी हुई तो सरकार की मुश्किलें बढ़ेंगी।
गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सोनम वांगचुक की संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (सेकमोल) का विदेशी फंडिंग (एफसीआरए) लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई संगठन के खातों में पाई गई कथित विसंगतियों के आधार पर की गई है। सोनम वांगचुक के एक अन्य संगठन हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लद्दाख (एचआइएएल) में भी विदेशी वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं की सीबीआई जांच कर रही है। इसके साथ अब लेह में भड़की हिंसा में अपनी भूमिका की जांच होते देख वांगचुक ने केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी दी है कि उनकी गिरफ्तारी, उनकी आजादी से कहीं ज्यादा बड़ी परेशानियां पैदा करेगी।
बता दें कि सुरक्षा एजेंसियां सोनम वांगचुक की संस्था से संबंधित वित्तीय मामलों के साथ-साथ उनकी पाकिस्तान यात्रा की भी जांच कर रही हैं। लद्दाख में राज्य का दर्जा देने और उसे छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग बीते पांच वर्षों से उठ रही है। इसी मांग के समर्थन में लद्दाख में विभिन्न संगठनों ने एक साझा मंच बनाया हुआ है। अपनी मांगों को लेकर 10 सितंबर से लेह में सोनम वांगचुक के नेतृत्व में अनशन जारी था। यह अनशन बुधवार को हिंसा में बदल गया। इसके बाद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी और चुपचाप अपने गांव चले गए। पुलिस व अन्य एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लेह हिंसा में सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है।
गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (सेकमोल) को वित्तीय विसंगतियों के मामले में पहले ही नोटिस जारी किया गया था। मंत्रालय के अनुसार, संगठन में पाई गई अनियमितताओं के बाद ही यह कठोर कार्रवाई की गई है।
यह पूरा मामला अब न केवल सोनम वांगचुक की संस्थाओं की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है, बल्कि लेह हिंसा और लद्दाख की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ रहा है।