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लोहा कारोबार में अब तक की सबसे बड़ी जीएसटी चोरी का खुलासा

122 फर्जी फर्मों के जरिए 341 करोड़ की टैक्स चोरी, 1811 करोड़ का कागजी कारोबार

लखनऊ/01/11/2025

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राज्य कर विभाग ने लोहा कारोबार में एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। विभाग की जांच में पता चला कि केवल दो मोबाइल नंबरों के जरिए देशभर में 122 फर्जी फर्में बनाई गईं और इन कंपनियों के नाम पर 1811 करोड़ रुपये का काल्पनिक कारोबार दिखाया गया। इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड लखनऊ का लोहा कारोबारी अंकित कुमार निकला, जिसने इन फर्जी फर्मों का उपयोग कर करीब 341 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की।

यह पूरा मामला तब खुला जब राज्य कर विभाग की सचल टीम ने 24 और 25 अक्टूबर को लखनऊ–मुरादाबाद हाईवे पर लोहे के दो ट्रकों को रोका। पूछताछ में चालकों ने बताया कि माल अंकित कुमार का है। इसी आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया और रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि अंकित ने अलग-अलग राज्यों में 122 फर्मों का पंजीकरण करवा रखा है। जांच में यह भी उजागर हुआ कि फर्मों के पते फर्जी थे—जिनमें से एक पते पर अंकित ने खुद को किराएदार बताया था, जबकि घर मालिक ने स्पष्ट कर दिया कि उसने कभी घर किराए पर दिया ही नहीं। इस धोखाधड़ी पर मकान मालिक ने पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।

72 फर्मों ने सेंट्रल जीएसटी में 1274.10 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया और 242.91 करोड़ की टैक्स चोरी की, जबकि 50 फर्मों ने राज्य कर क्षेत्र में 537.20 करोड़ का फर्जी कारोबार करते हुए 98.03 करोड़ की टैक्स चोरी की। कुल मिलाकर इस नेटवर्क ने 1811 करोड़ का कागजी कारोबार दिखाकर 341 करोड़ रुपये सरकार को चूना लगाया। विभाग ने लोहा कारोबारी अंकित कुमार सहित नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है और सभी फर्जी फर्मों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि यह राज्य कर विभाग की अब तक की सबसे बड़ी टैक्स चोरी का खुलासा है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस रैकेट की जड़ें देश के बाहर, खासकर दुबई तक फैली हो सकती हैं। फिलहाल विभाग टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रहा है।

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