मनाली के पहाड़ी गाँवों से बनी भारत की पहली FXC वर्ल्ड कप टीम, रचा इतिहास
मनाली/30/09/2025
हिमाचल प्रदेश के मनाली से भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार फायरबॉल एक्सट्रीम चैलेंज™ (FXC) वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि खिलाड़ी किसी बड़े शहर से नहीं, बल्कि मनाली के छोटे-छोटे पहाड़ी गाँवों से आते हैं। हर शाम सरकारी स्कूल के साधारण मैदान में पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी विजय ठाकुर की कोचिंग में ये बच्चे अभ्यास करते रहे और आज उसी मेहनत का नतीजा है कि भारत वैश्विक मंच तक पहुँच गया है।
1 से 9 दिसंबर 2025 तक भारत की 15 सदस्यीय टीम इटली के लिग्नानो सब्बियादोरो स्थित EFA बेला इटालिया रिज़ॉर्ट में होने वाले FXC वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व करेगी। यह पहली बार है जब भारत इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर पाया है। खास बात यह भी है कि यह टीम साधारण परिवारों से आने वाले उन खिलाड़ियों की है जो पढ़ाई और खेल दोनों का खर्च अपने दम पर निकालते हैं। कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो पहली बार विदेश यात्रा करेंगे और पासपोर्ट बनवाया है।
FXC खेल दुनिया का पहला अनिवार्य सह-शिक्षा खेल माना जाता है जिसमें लड़के और लड़कियाँ साथ खेलते हैं। इसे वैश्विक स्तर पर समानता और समावेशन का प्रतीक कहा जाता है। जुलाई 2025 में इटली और मेक्सिको से आए अंतरराष्ट्रीय कोचों ने मनाली में बूटकैंप लगाकर खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया।
स्थानीय प्रशासन, उपायुक्त सुश्री तोरुल रवीश, खेल अधिकारी सुश्री कबिता और रोम स्थित भारतीय दूतावास ने खिलाड़ियों को सहयोग और शुभकामनाएँ दी हैं। कुल्लू-मनाली घाटी में जश्न का माहौल है और ग्रामीण इस टीम की उपलब्धि को पूरे क्षेत्र की जीत मान रहे हैं।
यह कहानी सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि उस विश्वास की भी है कि प्रतिभा किसी पृष्ठभूमि या संसाधन की मोहताज नहीं होती। मनाली के सरकारी स्कूल मैदान से लेकर इटली के विश्व मंच तक, इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती।