मणिमहेश यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित घर भेजेगी सरकार : जगत सिंह नेगी
शिमला/28/08/2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मणिमहेश यात्रा के दौरान फंसे श्रद्धालुओं का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आश्वासन दिया कि यात्रा में फंसे सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल 100 वाहन और लगभग 1,000 यात्री ही फंसे हैं, जबकि विपक्ष इस मामले को लेकर झूठी अफवाहें फैला रहा है।
मंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर बीमार और असहाय यात्रियों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी, और हालात बिगड़ने पर बड़े हेलीकॉप्टर भी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि डल लेक के पास 150, गौरीकुंड में 100 से अधिक, हड़सर में 500 और चौरासी मंदिर में 600 यात्री फंसे हैं। इसके अलावा लूणा इलाके में भी कुछ यात्री प्रभावित हुए हैं। चंबा में फिलहाल 61 मार्ग बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए 19 मशीनें काम कर रही हैं।
इसी दौरान विधायक डॉ. हंसराज ने दावा किया कि मणिमहेश यात्रा में करीब 10,000 यात्री फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि चंबा में 280 सड़कें बंद हैं और संचार नेटवर्क ठप होने से वास्तविक स्थिति का आकलन करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रभावितों की मदद के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने की मांग रखी।
विधायक नीरज नैय्यर ने कहा कि भारी बारिश के कारण हुए नुकसान की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है, इसलिए सरकार को उत्तराखंड की तर्ज पर विशेष राहत पैकेज देना चाहिए। वहीं, विधायक डी.एस. ठाकुर ने डलहौजी क्षेत्र में बादल फटने की घटनाओं से हुए भारी नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी बुरी तरह प्रभावित हुई है, मोबाइल नेटवर्क और पानी की आपूर्ति ठप हो गई है, इसलिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।
चर्चा के बाद जब राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी जवाब देने उठे तो विपक्ष के सदस्य सदन से बाहर चले गए। इस पर नेगी ने कटाक्ष किया कि विपक्ष आपदा जैसे गंभीर मुद्दे पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद के लिए पूरी तरह तैयार है।