NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला को दी सलाह: 'आप केजरीवाल बनो, ममता नहीं'

mehboba

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की तर्ज पर काम करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि एलजी के अधीन रहते हुए भी जनता को मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। महबूबा ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए कहा कि उमर अब्दुल्ला को उनके जैसे नहीं, बल्कि केजरीवाल की तरह कार्य करना चाहिए, जिन्होंने चुनौतियों के बावजूद जनता के लिए मुफ्त बिजली, गैस और झुग्गी-झोपड़ियों को वैध बनाया।

महबूबा मुफ्ती ने वहीद पारा बिल का भी उल्लेख किया, जिसे पीडीपी ने पहले विधानसभा में लाया था। इस बिल में 30 वर्षों से अधिक समय से जमीन पर कब्जा रखने वालों की संपत्तियों को वैध बनाने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि पीडीपी इस बिल को फिर से लाएगी ताकि स्थानीय निवासियों के अधिकार सुरक्षित हों और उन्हें विस्थापन से सुरक्षा मिले।

महबूबा ने गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन क्षेत्रों में होटलों और भूमि पर बड़े व्यापारिक समूहों की दखलंदाजी को लेकर सरकार की खामोशी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि नीलामी प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो स्थानीय होटल संचालक बड़े कॉर्पोरेट्स से कैसे मुकाबला करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से जनता के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ रवैया अपनाने की गुजारिश की।

महबूबा मुफ्ती ने 2019 में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में लोगों के मन में जमीन और रोजगार को लेकर भय और असुरक्षा की भावना बढ़ने की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि उस समय शुरू हुए बुलडोजर अभियानों के कारण गरीब परिवारों के घर-द्वार और जीविका के साधन प्रभावित हुए। विशेष रूप से गुज्जर, पहाड़ी और अन्य अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के निवासी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कश्मीर घाटी में भी घाटसराय जैसे इलाकों में राज्य की जमीन पर बने स्कूल और अन्य संरचनाओं को नेस्तनाबूद कर दिया गया।

महबूबा ने जोर देकर कहा कि सरकार को स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए और विधानसभा में बिल पास कराकर भूमि विवादों का निपटारा करना चाहिए, जिससे स्थानीय निवासियों के अधिकार सुरक्षित हों और उन्हें न्याय मिले।

Scroll to Top