मोदी कैबिनेट ने चार नई रेल परियोजनाओं को दी मंजूरी, रेलवे नेटवर्क 894 किलोमीटर तक बढ़ेगा
नई दिल्ली/07/10/2025
नई दिल्ली: देश में रेलवे कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने चार नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 24,634 करोड़ रुपये है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन परियोजनाओं में वर्धा-भुसावल (तीसरी और चौथी लाइन) 314 किलोमीटर, गोंदिया-डोंगरगढ़ (चौथी लाइन) 84 किलोमीटर, वडोदरा-रतलाम (तीसरी और चौथी लाइन) 259 किलोमीटर और इटारसी-भोपाल-बीना (चौथी लाइन) 237 किलोमीटर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क लगभग 894 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा।
वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के कुल 18 जिलों में फैली हुई हैं और करीब 3,633 गांवों और दो आकांक्षी जिलों (विदिशा और राजनांदगांव) की कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी। नई मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से कोयला, कंटेनर, सीमेंट, फ्लाई ऐश, खाद्यान्न और इस्पात जैसी वस्तुओं का परिवहन अधिक आसान होगा। क्षमता वृद्धि के परिणामस्वरूप 78 मिलियन टन प्रति वर्ष का अतिरिक्त माल यातायात संभव होगा।
रेल मंत्री ने बताया कि ये परियोजनाएं पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल हैं, जिससे जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति होगी, तेल आयात 28 करोड़ लीटर कम होगा और CO2 उत्सर्जन 139 करोड़ किलोग्राम घटेगा, जो लगभग छह करोड़ पेड़ों के लगाने के बराबर है। उन्होंने कहा कि नई लाइनें भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार लाएंगी और भीड़भाड़ कम करेंगी।
वहीं, परियोजनाओं से सांची, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, भीमबेटका की शैलाश्रय, हजारा जलप्रपात और नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रमुख स्थलों तक रेल संपर्क उपलब्ध होगा, जिससे देशभर के पर्यटक इन क्षेत्रों का भ्रमण कर सकेंगे। वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाएंगी और क्षेत्रीय विकास के माध्यम से “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में योगदान देंगी।
इन परियोजनाओं के जरिए न केवल यातायात और माल परिवहन में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होकर देशभर के लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।