माउंट एवरेस्ट पर बर्फीले तूफान में फंसे 1,000 पर्वतारोही, 350 ट्रैकरों को बचाया गया
बीजिंग/06/10/2025
बीजिंग/तिब्बत: माउंट एवरेस्ट की पूर्वी तिब्बती ढलानों पर रविवार को भारी बर्फीले तूफान के कारण बचाव कार्य जारी है। यहां स्थित शिविरों में लगभग 1,000 लोग फंस गए हैं, जिनमें से अब तक 350 ट्रैकरों और पर्वतारोहीयों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
इस क्षेत्र की ऊंचाई 4,900 मीटर से अधिक होने के कारण बर्फबारी के बीच पहुंचना बेहद कठिन है। स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दल के सदस्यों ने दिन-रात प्रयास कर पर्वतारोहियों को बचाने का काम किया। बीबीसी ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि कुछ पर्यटकों को पहले ही सुरक्षित निकाला जा चुका है।
मौसम और परिस्थितियाँ: तिब्बत के पूर्वी ढलानों पर शुक्रवार शाम से बर्फबारी शुरू हुई, जो तेज होकर शनिवार तक जारी रही। यह क्षेत्र पर्वतारोहियों और पैदल यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है। बर्फबारी और तूफान के कारण रेस्क्यू कार्य बेहद कठिन हो गया।
पड़ोसी नेपाल में हालात: नेपाल में भी भारी बारिश और भूस्खलन के कारण तबाही हुई, जिसमें 52 लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए हैं।
माउंट एवरेस्ट का विवरण: माउंट एवरेस्ट, जिसे चीन में माउंट कोमोलांगमा कहा जाता है, दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है। इसकी ऊंचाई 8,848–8,849 मीटर है और यह हिमालय पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है। यह चोटी नेपाल और तिब्बत दोनों देशों में फैली हुई है।
तूफान मत्मो का असर: प्रशांत क्षेत्र के 2025 के 21वें तूफान, टाइफून मत्मो ने रविवार को दक्षिण चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के पूर्वी तट पर दस्तक दी। स्थानीय प्रशासन ने 151 किमी प्रति घंटे की गति वाले तूफान से पहले लगभग 3,47,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया।
खतरे और बचाव: माउंट एवरेस्ट पर तूफान के दौरान हाइकर्स और गाइडों ने बताया कि मौसम अचानक बिगड़ गया और वहां हाइपरथर्मिया का खतरा बन गया। कुदांग टाउनशिप से सुरक्षित निकाले गए एक हाइकर ने कहा कि पहाड़ों में अत्यधिक ठंड और बर्फबारी थी।
इस घटना ने साबित किया कि माउंट एवरेस्ट और आसपास के क्षेत्र मौसम की अनिश्चितताओं के कारण बेहद खतरनाक हैं। पर्वतारोहियों को विशेष सावधानी और मौसम की निगरानी के साथ ही चढ़ाई करनी चाहिए।