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मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को एक्सटेंशन का मामला: हाईकोर्ट में मंगलवार को भी जारी रहेगी सुनवाई

शिमला/23/09/2025

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शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को दिए गए छह माह के सेवा विस्तार (Extension) का मामला लगातार सुर्खियों में है। इस पर दायर जनहित याचिका की सुनवाई हाईकोर्ट में मंगलवार, 23 सितंबर को भी जारी रहेगी। इस याचिका में सेवा विस्तार को चुनौती दी गई है और प्रबोध सक्सेना की नियुक्ति पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।

याचिकाकर्ता अतुल शर्मा ने अपनी जनहित याचिका में आरोप लगाया है कि प्रबोध सक्सेना का नाम “ऑफिसर्स विद डाउटफुल इंटेग्रिटी लिस्ट” में शामिल है और उन पर आपराधिक मामला भी लंबित है। यहां तक कि सीबीआई की चार्जशीट में भी उनका नाम दर्ज है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने 28 मार्च 2025 को उन्हें छह महीने का सेवा विस्तार दिया।

केंद्र सरकार ने अदालत में दलील दी कि जब प्रबोध सक्सेना पिछले दो साल तक मुख्य सचिव रहे तो किसी ने आपत्ति नहीं की, लेकिन एक्सटेंशन मिलते ही विवाद खड़ा हो गया। केंद्र ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने एक साल के लिए सेवा विस्तार की मांग की थी, लेकिन नियमों के तहत केवल छह माह का ही एक्सटेंशन दिया गया।

इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की खंडपीठ—मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा—कर रही है। पिछली सुनवाई में अदालत ने यह सवाल भी उठाया था कि क्या अब आगे उन्हें सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा? इस पर केंद्र सरकार ने कहा कि इस समय ऐसा कोई आग्रह हिमाचल सरकार की ओर से नहीं भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि प्रबोध सक्सेना 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उनका मौजूदा सेवा विस्तार 30 सितंबर को पूरा हो रहा है। अब अदालत के सामने राज्य सरकार और प्रबोध सक्सेना की ओर से बहस होनी बाकी है, जिसके बाद इस संवेदनशील मामले पर फैसला सामने आएगा।

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