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नेपाल में बारिश का कहर: भूस्खलन और बाढ़ से 52 की मौत, कोशी प्रांत में सबसे ज्यादा तबाही, कई लापता और घायल

काठमांडू/06/10/2025

nepal

काठमांडू: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने पूरे देश में तबाही मचा दी है। बाढ़, भूस्खलन, बिजली गिरने और सड़क हादसों के कारण अब तक कम से कम 52 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल और लापता हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

सशस्त्र पुलिस बल के अनुसार, इस आपदा में सात लोग लापता हैं और अब तक 29 लोग घायल हो चुके हैं। नेपाल में शनिवार सुबह से बंगाल की खाड़ी से आई नमीयुक्त मानसूनी हवाओं के प्रभाव से भारी बारिश हो रही है। पूरे हिमालयी राष्ट्र में बड़े पैमाने पर बारिश हुई, जिसमें कोशी प्रांत सबसे अधिक प्रभावित हुआ।

कोशी प्रांत के इलाम जिले में भूस्खलन और बाढ़ के कारण 37 लोगों की मौत हुई, जबकि प्रांत के अन्य जिलों में 12 और मौतें हुई हैं। कोशी प्रांत में एक व्यक्ति लापता है और कम से कम 17 लोग घायल हुए हैं।

नेपाल के मधेश प्रांत में रौतहट जिले में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हुई और एक व्यक्ति घायल हो गया। बारा जिले में एक लापता व्यक्ति की तलाश जारी है। सरलाही जिले के मुख्य जिला अधिकारी तुलसी बहादुर श्रेष्ठ ने बताया कि बागमती नदी में बाढ़ के कारण आवासीय क्षेत्र प्रभावित हुए हैं और निवासियों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियों ने राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई है। अन्य प्रांतों में भी बागमती प्रांत में चार लोग घायल और चार लापता हुए हैं, जबकि सुदूरपश्चिम प्रांत में आठ लोग घायल हुए हैं।

दो दिनों की तबाही के बाद मौसम में कुछ सुधार देखा जा रहा है। नेपाल जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग (डीएचएम) के अनुसार, हाल ही में बारिश का कारण बनने वाला निम्न दबाव तंत्र अब देश से बाहर चला गया है। हालांकि, विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।

डीएचएम के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में विकसित हुई प्रणाली के कारण 3 अक्टूबर की शाम से 5 अक्टूबर की सुबह तक मधेश, बागमती और कोशी प्रांतों में भारी वर्षा हुई। रौतहट जिले के महेशपुर में सबसे अधिक 358 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से बागमती, त्रिशूली, पूर्वी राप्ती, लालबकैया और कमला नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर चला गया, हालांकि अब यह धीरे-धीरे कम हो रहा है।

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कोशी बैराज का जलस्तर 523,795 क्यूसेक प्रति सेकंड तक बढ़ गया है। बैराज में पानी का प्रवाह 300,000 क्यूसेक प्रति सेकंड से अधिक होने पर खतरनाक माना जाता है। फिलहाल बैराज के सभी 56 गेट बंद हैं और खतरे के संकेत के तौर पर लाल बत्तियाँ जलाई गई हैं।

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