नीरव मोदी प्रत्यर्पण के बाद PNB घोटाले में पूछताछ नहीं होगी, भारत ने ब्रिटेन को दिया आश्वासन
नई दिल्ली/05/10/2025
नई दिल्ली: भगोड़ा हीरा व्यापारी नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 13,578 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। उसे पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। भारत ने ब्रिटेन को स्पष्ट आश्वासन दिया है कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के बाद किसी भी एजेंसी द्वारा PNB धोखाधड़ी मामले में पूछताछ नहीं की जाएगी। प्रत्यर्पण के बाद वह केवल अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे का सामना करेंगे।
ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर अदालत ने हाल ही में नीरव मोदी की प्रत्यर्पण प्रक्रिया को फिर से खोलने की याचिका स्वीकार की थी। याचिका में कहा गया कि यदि नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किया गया, तो कई एजेंसियों द्वारा उससे पूछताछ की जाएगी और उसे यातना का सामना करना पड़ सकता है। भारत ने जवाब में पांच प्रमुख एजेंसियों—CBI, ED, SFIO, सीमा शुल्क और आयकर विभाग—की ओर से आश्वासन दिया कि नीरव मोदी केवल धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के अपराधों के लिए मुकदमे का सामना करेंगे और किसी भी एजेंसी द्वारा हिरासत में नहीं लिया जाएगा।
नीरव मोदी को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा, जहां कैदियों के रहने की अच्छी स्थिति है। भारत ने ब्रिटेन को यह भी आश्वासन दिया है कि प्रत्यर्पण की स्थिति में उन्हें सुरक्षित और न्यायसंगत तरीके से रखा जाएगा। यह आश्वासन पहले 2019 और 2020 में भी ब्रिटेन की अदालतों को दिया गया था और उन्हें सराहा गया था। अब इसे क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के माध्यम से कोर्ट में पेश किया जाएगा।
नीरव मोदी, उनके मामा मेहुल चोकसी, भाई नेहाल मोदी और अन्य आरोपियों ने PNB से फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) का इस्तेमाल करके 13,578 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। इसमें से 6,498 करोड़ रुपये नीरव मोदी से सीधे जुड़े हैं, जबकि लगभग 7,000 करोड़ रुपये मेहुल चोकसी से संबंधित हैं।
नीरव मोदी 19 मार्च 2019 से लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद हैं। उन्हें भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर स्कॉटलैंड यार्ड ने गिरफ्तार किया था। ED ने PMLA के तहत नीरव मोदी की 2,598 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जबकि पीड़ित बैंकों को 981 करोड़ रुपये वापस कर दिए गए हैं।
इस आश्वासन के बाद, अधिकारियों का मानना है कि नीरव मोदी की याचिका पहली सुनवाई में ही खारिज हो जाएगी और प्रत्यर्पण प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ेगी।