NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

उत्तर बंगाल में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, भूटान के ताला डैम के ओवरफ्लो से बाढ़ का खतरा

उत्तर बंगाल/06/10/2025

flodd

उत्तर बंगाल में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार जिलों में लगातार बारिश से सड़कें और पुल बह गए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं।

4 अक्टूबर 2025 से लगातार मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों की मिट्टी ढीली हो गई है और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। दार्जिलिंग जिले में 24 घंटे में 261 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसे अत्यधिक भारी बारिश में रखा गया है। मिरिक इलाके में हालात सबसे गंभीर हैं, जहां कई घर ढह गए और सड़कें बह गईं।

सिलीगुड़ी से कर्सियांग को जोड़ने वाली सुभाष घिसिंग मार्ग और सिक्किम-कालिम्पोंग को जोड़ने वाला NH-10 मलबे और सड़क धंसने के कारण बंद हो गया है। कई पर्यटक पहाड़ियों में फंसे हुए हैं, जबकि डूअर्स क्षेत्र में जलभराव से यातायात बाधित है।

भूटान के ताला हाइड्रोपावर डैम के गेट खराब होने और ओवरफ्लो होने से downstream क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। वांगचू नदी (Wangchu River) का जलस्तर बढ़ने से जलपाईगुड़ी और कूचबिहार के निचले इलाके पानी में डूब गए हैं।

दार्जिलिंग हिल रेलवे लाइन, पुलों और सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। दुधिया में बालासुन नदी पर बना लोहे का पुल बह गया, जिससे मिरिक और सिलीगुड़ी का संपर्क टूट गया। रोहिणी रोड पर सड़क धंसने से राहत और बचाव कार्यों में देरी हो रही है।

स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए हैं। कई गांवों में खाने, दवाइयों और साफ पानी की किल्लत हो गई है। संचार व्यवस्था भी बाधित है और ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं।

उत्तर बंगाल में लगातार बारिश और भूटान के ताला डैम के ओवरफ्लो के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज किया गया है।

photos flod
Scroll to Top