ऑपरेशन सिंदूर की गूंज: लश्कर कमांडर ने किया भारत के हमले का कबूलनामा
नई दिल्ली/19/09/2025
नई दिल्ली: भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान लगातार इनकार करता रहा है, लेकिन अब पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के ही शीर्ष कमांडरों ने भारत की कार्रवाई की सच्चाई स्वीकार कर ली है। हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर कासिम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पंजाब प्रांत के मुरीदके स्थित मरकज तैयबा शिविर के खंडहरों के बीच खड़ा होकर स्वीकार करता है कि यह ठिकाना ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय हमलों में तबाह हुआ।
कासिम ने वीडियो में कहा, “मैं मुरीदके में मरकज तैयबा के सामने खड़ा हूं… यह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए हमले में नष्ट हो गया था। यहीं पर मुजाहिदीन और तलाबा को प्रशिक्षण दिया जाता था। हम इसे दोबारा खड़ा करेंगे और इसे और भी बड़ा बनाएंगे।” उसके बयान ने भारत के दावों को सही साबित कर दिया है, जिन्हें पाकिस्तान अब तक झुठलाता रहा।
इससे पहले, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी का भी एक वीडियो सामने आया था। उसने खुलासा किया कि बहावलपुर स्थित मरकज सुभान अल्लाह पर भारतीय हमलों में मौलाना मसूद अजहर का परिवार मारा गया था। कश्मीरी ने कहा, “7 मई को मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए।” इस बयान ने भी पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल खोल दी।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी है, जिसमें 22 अप्रैल को 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कई कैंप ध्वस्त कर दिए गए।
भारत की इस कार्रवाई ने न सिर्फ आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया, बल्कि पाकिस्तान की सरकार और सेना के दावों को भी पूरी तरह से बेनकाब कर दिया। अब आतंकी कमांडरों के कबूलनामे इस बात का सबूत हैं कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया है।
पाकिस्तान भले ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन आतंकी संगठनों के नेताओं की यह स्वीकारोक्ति भारत की सर्जिकल और निर्णायक कार्रवाई की पुष्टि करती है।