NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

पहलगाम हमले के बाद भारत के दोस्त और दुश्मन स्पष्ट: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

नागपुर/02/10/2025

nagpur

नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद विभिन्न देशों द्वारा अपनाए गए रुख से भारत के साथ उनकी मित्रता और सीमा का स्पष्ट ज्ञान हुआ। यह टिप्पणी उन्होंने आरएसएस की वार्षिक विजयादशमी रैली में की।

इस वर्ष आरएसएस अपनी स्थापना की शताब्दी मना रहा है। संघ की स्थापना 1925 में दशहरा (27 सितंबर) को नागपुर में चिकित्सक केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि भारत हमेशा दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखेगा, लेकिन सुरक्षा के मामलों में सतर्क और मजबूत रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा, "पहलगाम हमले के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कौन हमारे सच्चे मित्र हैं और किन देशों की मित्रता सीमित है।"

ऑपरेशन सिंदूर और आतंकी हमले का जवाब


भागवत ने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए बताया कि आतंकवादियों ने सीमा पार कर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में धर्म की जांच के बाद 26 भारतीयों की हत्या की। इस घटना पर देश की ओर से कड़ा जवाब दिया गया। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इस दौरान नेतृत्व का दृढ़ संकल्प, सशस्त्र बलों का पराक्रम और समाज की एकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

चरमपंथी तत्वों पर चेतावनी

भागवत ने कहा कि चरमपंथी तत्वों को सरकार की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है, जबकि समाज ने उनके खोखलेपन को पहचानकर उनसे दूरी बनाई। उन्होंने बताया कि न्याय, विकास और संवेदनशीलता की कमी अक्सर चरमपंथी ताकतों के उदय का कारण बनती है। इसे रोकने के लिए राज्य और समाज को मिलकर ऐसी पहल करनी चाहिए जिससे लोगों का व्यवस्था में विश्वास बढ़े।

अमेरिका की टैरिफ नीति पर टिप्पणी

आरएसएस प्रमुख ने अमेरिका की नई टैरिफ नीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने हितों को ध्यान में रखते हुए यह नीति बनाई है, लेकिन दुनिया आपसी आर्थिक निर्भरता के साथ काम करती है। भागवत ने भारत को स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर ध्यान देने की सलाह दी और कहा कि इसके बावजूद सभी मित्र देशों के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखना जरूरी है।

इस कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि थे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Scroll to Top