पाकिस्तान को IMF से 7 अरब डॉलर का कर्ज़ मिलने की उम्मीद, शहबाज सरकार ने शुरू की बातचीत
इस्लामाबाद/01/10/2025
पाकिस्तान एक बार फिर गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी के बीच पाकिस्तान सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से नया कर्ज़ मांगने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी को लेकर आईएमएफ का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के वित्तीय प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक बैठकें कर रहा है।
7 अरब डॉलर पैकेज पर बातचीत
रिपोर्ट्स के अनुसार, आईएमएफ और पाकिस्तान के बीच करीब 7 अरब डॉलर के ऋण कार्यक्रम और 1.1 अरब डॉलर की शेष किस्त पर चर्चा हो रही है। यह बैठक आईएमएफ की मिशन प्रमुख ईवा पेत्रोवा के नेतृत्व में सोमवार को हुई, जिसमें पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर, वित्त सचिव और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के चेयरमैन शामिल हुए।
दिसंबर 2025 तक सुधारों पर ध्यान
बातचीत में तय हुआ कि IMF और पाकिस्तान दिसंबर 2025 तक समाप्त होने वाले द्विवार्षिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सुधारात्मक कदमों पर चर्चा करेंगे। , IMF मिशन ने पाकिस्तान की आर्थिक नीतियों, कर सुधारों और खर्च नियंत्रण को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।
ऊर्जा और पेट्रोलियम क्षेत्र पर दबाव
पाकिस्तान सरकार से कहा गया है कि वह अटकी हुई डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम रिफाइनिंग नीति को तेज़ी से लागू करे। IMF ने पेट्रोलियम रिफाइनरियों के लिए करीब 6 अरब डॉलर निवेश आकर्षित करने के कदम उठाने को भी जरूरी बताया। इससे पाकिस्तान के ऊर्जा संकट से निपटने में मदद मिलेगी।
शहबाज शरीफ सरकार पर दबाव
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार के सामने IMF की शर्तों को मानना आसान नहीं होगा। पाकिस्तान में पहले से ही महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर है और आम जनता IMF की सख्त शर्तों के चलते और ज्यादा दबाव महसूस कर रही है।