पाकिस्तान के जनरल का बड़ा बयान: भारत एक शक्तिशाली देश, विवाद सुलझाने के लिए तीसरे पक्ष की आवश्यकता
इस्लामाबाद/22/101/20252
पाकिस्तान के वरिष्ठ जनरल शमशाद मिर्जा ने हाल ही में भारत के प्रति अपनी राय रखते हुए कहा कि पाकिस्तान अकेले भारत का सामना नहीं कर सकता और दोनों देशों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए तीसरे पक्ष की मध्यस्थता जरूरी है। उन्होंने यह विचार इस्लामाबाद में आयोजित कार्यक्रम ‘बैलेंसिंग रिलेशनशिप बिटवीन ग्लोबल नॉर्थ एंड ग्लोबल साउथ’ में व्यक्त किए।
जनरल मिर्जा ने भारत को वैश्विक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली देश बताते हुए कहा कि भारत की साम्राज्यवादी और प्रभुत्ववादी नीतियां अक्सर ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं के विरोध में होती हैं। उनके अनुसार, भारत कभी-कभी संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों और मानवाधिकारों की अवहेलना करता है, और यही वजह है कि पाकिस्तान को यह एहसास है कि वह अकेले इस चुनौती का सामना नहीं कर सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान विवादों को सुलझाने के लिए द्विपक्षीय बातचीत के अलावा किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था, तीसरे देश या मल्टीडायमेंशनल पैनल की भूमिका जरूरी है। जनरल मिर्जा ने कहा कि इस तरह की मध्यस्थता से विवादों का हल निकालने में आसानी होगी और दोनों पक्षों के बीच विश्वास बढ़ सकेगा।
साथ ही उन्होंने भारतीय सेना पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया। जनरल मिर्जा का कहना था कि भारत में सेना का राजनीतिक प्रभाव बढ़ गया है और सरकारें अक्सर सैन्य दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने इस बात को अपने देश की हाल की घटनाओं से भी जोड़ा, जहां राजनीतिक हस्तक्षेप और तख्तापलट आम देखे गए हैं।
इस बयान से स्पष्ट है कि पाकिस्तान भारत की शक्ति और रणनीतिक महत्व को स्वीकार करता है और यह मानता है कि अकेले उससे मुकाबला करना मुश्किल है। यह बयान दोनों देशों के बीच मौजूद जटिल और संवेदनशील संबंधों को दर्शाता है।