औचक निरीक्षण में मंत्री ने खोली शिक्षा विभाग की लापरवाही की पोल, ताला तुड़वाकर बच्चों को बैठाया कक्षा में
जनजातीय विकास एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के औचक निरीक्षण ने शिक्षा विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। बुधवार सुबह मंत्री जब थांदल गांव में सड़क कार्यों का जायज़ा लेने पहुंचे, तो उनकी नजर सरकारी मिडल स्कूल के बाहर खड़े बच्चों पर पड़ी — जबकि स्कूल का मुख्य द्वार बंद था और ताला लटका हुआ था।
करीब आधा घंटा मंत्री, अधिकारी और बच्चे चाबी का इंतज़ार करते रहे। जब चाबी नहीं मिली, तो मंत्री ने स्वयं ताला तुड़वाने के आदेश दिए और बच्चों को कक्षा में बैठाया। उस समय स्कूल में केवल एक शिक्षक और एक मल्टी-टास्क वर्कर मौजूद थे, जबकि पांच शिक्षक और अन्य कर्मचारी तैनात हैं।
घटना से पूरा प्रशासन हरकत में आ गया। मंत्री ने उपस्थित शिक्षक को फटकार लगाते हुए तुरंत जांच के आदेश जारी किए।
ग्रामीणों में भी रोष:
स्थानीय लोगों ने कहा कि स्कूल में लंबे समय से अनुशासन और उपस्थिति की समस्या बनी हुई है, लेकिन विभाग ने कभी ध्यान नहीं दिया। मंत्री के निरीक्षण से “पूरे सिस्टम की नींद टूटी” है।
शिक्षक की सफाई:
स्कूल प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया कि वह उस दिन कार्यशाला के लिए किलाड़ गए थे, और बाकी दो शिक्षक अवकाश पर थे। चाबी गलती से उनके पास रह गई थी, जिससे यह स्थिति बनी।
मंत्री का सख्त संदेश: मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा —
“स्कूल का ताला बंद होना गंभीर लापरवाही है। बच्चों को बाहर खड़ा देखना बेहद दुखद था। अब ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, क्योंकि बच्चों की शिक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”
इस मामले की जांच की जिम्मेदारी कार्यकारी प्रधानाचार्य तिलक शर्मा को सौंपी गई है, जिन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से जांच कर जवाबदेही तय करेंगे।