पांवटा साहिब: यमुना नदी में डूबे युवक का शव कलेसर से बरामद, दो भाई अभी भी लापता
पांवटा साहिब/25/09/2025
पांवटा साहिब में मंगलवार दोपहर यमुना नदी में स्नान के दौरान डूबे तीन युवकों में से एक युवक का शव बुधवार को हरियाणा के कलेसर के पास यमुना नदी से बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान अमित (23) पुत्र जोगी राम, निवासी गवाली, तहसील शिलाई के रूप में हुई है। अमित के दो सगे भाई, कमलेश और रजनीश, अब भी लापता हैं। यह बरामदगी पांवटा साहिब से लगभग 20 किलोमीटर दूर हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और इसके बाद परिजनों को सौंप दिया।
बुधवार सुबह एनडीआरएफ की टीम, 10 गोताखोर, उत्तराखंड से एसडीआरएफ की टीम और ऋषिकेश से राफ्टिंग करने वाले दो दल यमुना नदी में युवकों की तलाश में जुटे हुए थे। दोपहर को हरियाणा के यमुनानगर जिले की टीम ने अमित का शव बरामद किया। डीसी प्रियंका वर्मा और एसपी एनएस नेगी ने राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए। एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा, तहसीलदार ऋषभ शर्मा और डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर मौके पर लगातार सर्च ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
घटना मंगलवार दोपहर यमुनाघाट के मंदिर के पास हुई थी, जहां एक युवक स्नान के लिए यमुना नदी में उतरा और तेज बहाव में फंस गया। उसे बचाने के लिए उसके दो अन्य साथी भी नदी में कूद गए, लेकिन तीनों युवक तेज धारा में फंसकर लापता हो गए। यह घटना कैमरे में कैद हुई और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तीनों युवक शिलाई विधानसभा क्षेत्र के गवाली गांव से ताल्लुक रखते हैं और हरिद्वार से देवता के स्नान के बाद गांव के अन्य लोगों के साथ यमुनाघाट पहुंचे थे।
हादसे के बाद से ही युवकों के परिजन और गांव के लोग सदमे में हैं। अमित के पिता प्रेम सिंह बेसुध होकर नदी किनारे अपने लाडलों का इंतजार कर रहे हैं। यमुनाघाट लंबे समय से हादसों का केंद्र रहा है, जहां पिछले एक दशक में लगभग 70 लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं होने के कारण स्थानीय लोग चिंतित और नाराज हैं।
एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि अमित का शव बरामद होने की पुष्टि हो गई है और विभिन्न टीमें कमलेश और रजनीश की तलाश जारी रखे हुए हैं। डीसी प्रियंका वर्मा ने कहा कि मानसून के दौरान यमुनाघाट पर गोताखोर तैनात किए जाते हैं और भविष्य में पूरे वर्ष यहां गोताखोरों की नियुक्ति के लिए सरकार से अनुमति ली जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यमुना नदी में तेज बहाव के कारण अब भी न उतरें।