बाढ़ से बेहाल पंजाब पूरे राज्य को आपदा प्रभावित प्रदेश घोषित, हालात गंभीर
पंजाब/03/09/2025
पंजाब इन दिनों बाढ़ की भीषण त्रासदी झेल रहा है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात भयावह बना दिए हैं। राज्य के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और तीन लोग लापता हैं। बाढ़ से करीब 2.56 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 1200 से ज्यादा गांव पानी में डूबे हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित गुरदासपुर जिला है, जहां 323 गांव जलमग्न हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरे पंजाब को आपदा प्रभावित प्रदेश घोषित कर दिया है और राहत व बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 14,936 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 122 राहत शिविरों में 6,582 लोग शरण लिए हुए हैं।
राहत कार्यों में सेना, एनडीआरएफ, बीएसएफ और पंजाब पुलिस की टीमें जुटी हैं। नावों और ड्रोन की मदद से दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों तक दवाइयां और भोजन पहुंचाया जा रहा है।
बाढ़ ने कृषि क्षेत्र को भी गहरा नुकसान पहुंचाया है। लगभग 61,632 हेक्टेयर खेत जलमग्न हो चुके हैं, जिनमें धान, कपास और सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। फाजिल्का और कपूरथला जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। केंद्र सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (IMCT) पंजाब भेजा है और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से बात कर राहत पैकेज की मांग भी की है।
हालांकि, पंजाब कांग्रेस ने इस आपदा को ‘मानव निर्मित’ करार देते हुए राज्य सरकार पर समय रहते बांधों से पानी न छोड़ने का आरोप लगाया है। इस बीच पंजाब सरकार ने राहत कोष में सहयोग के लिए मंत्रियों और विधायकों की एक माह की तनख्वाह दान करने का फैसला लिया है।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए अधिक बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं। पंजाब के लोग इस समय बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे हैं और सरकार राहत कार्यों को तेज करने में लगी है।