पूर्णिया एयरपोर्ट से सीमांचल को नई उड़ान, पीएम मोदी ने 36 हजार करोड़ की योजनाओं का किया शुभारंभ
पूर्णिया/15/09/2025
बिहार के सीमांचल को आज बड़ी सौगात मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्णिया एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। दशकों से हवाई सुविधा से वंचित इस क्षेत्र को अब क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की अहम सौगात मिल गई है। एयरपोर्ट के शुरू होते ही पूर्णिया और आसपास के जिलों के लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे न सिर्फ आवागमन आसान होगा बल्कि निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट के साथ-साथ करीब 36 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें सड़क, बिजली, कृषि और शिक्षा से जुड़ी कई अहम योजनाएं शामिल हैं, जिनसे सीमांचल, कोसी और मिथिला क्षेत्र को सीधा लाभ होगा।
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की भी स्थापना की घोषणा की। बिहार का मखाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान रखता है। इस बोर्ड के गठन से किसानों को उत्पादन, विपणन और मूल्य संवर्धन की नई सहूलियतें मिलेंगी। सरकार का कहना है कि इससे मखाना उद्योग को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय व रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री ने बिहार को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी हो। इससे पहले अगस्त में उन्होंने गंगा नदी पर औंटा-सिमरिया पुल का उद्घाटन कर उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली परियोजना जनता को समर्पित की थी। अब एयरपोर्ट और मखाना बोर्ड की शुरुआत को उसी कड़ी में बड़ा कदम माना जा रहा है।
हालांकि इस दौरे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार बिहार आते हैं लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसी असली समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देते। विपक्ष ने इसे चुनावी स्टंट बताया है, जबकि एनडीए इसे विकास की गंगा कह रहा है।
कुल मिलाकर, पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन और राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना न सिर्फ सीमांचल बल्कि पूरे बिहार के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, जिसका असर आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर दिखेगा।