शिमला: रोहड़ू में दलित बच्चे की आत्महत्या पर CPI(M) का न्याय मांग प्रदर्शन
शिमला/06/10/2025
हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले के रोहड़ू क्षेत्र में कथित जातीय भेदभाव के कारण 12 वर्षीय दलित बच्चे की आत्महत्या ने पूरे इलाके में गहरी चिंता पैदा कर दी है। इस मामले में भारतीय मार्क्सवादी पार्टी (CPI(M)) ने न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया।
शिमला में हुए इस प्रदर्शन में दलित अधिकार संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। पार्टी नेताओं राकेश सिंघा और संजय चौहान ने कहा कि आज़ादी के 78 साल बाद भी इस तरह की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि रोहड़ू में बच्चे के साथ जातीय भेदभाव किया गया और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में कुल्लू दशहरा में अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले अधिकारी के साथ भी भीड़ ने अनुचित व्यवहार किया था।
CPI(M) नेताओं ने कहा कि संविधान हर नागरिक को समानता का अधिकार देता है, लेकिन देश में अभी भी जातीय और क्षेत्रीय आधार पर होने वाले भेदभाव की घटनाएं आम हैं। पार्टी ने मांग की कि इस पूरे मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए।
राकेश सिंघा ने बताया कि कुछ लोग बच्चे की चोरी की आदत को मुद्दा बना रहे हैं, जबकि पुलिस ने इस संबंध में कोई FIR दर्ज नहीं की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस घटना में SC-ST एक्ट के तहत सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यह प्रदर्शन यह दिखाता है कि समाज में जातिगत भेदभाव और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की चेतना अभी भी जीवित है।