मरू भूमि लाहौल स्पीति में भी संघ की गूंज
लाहौल स्पिति/01/10/2025
लाहौल स्पीति: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर मरू भूमि लाहौल स्पीति में भी संघ की गूंज सुनाई दी। खंड उदयपुर, जिला लाहौल स्पीति में आयोजित भव्य पथ संचलन में सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में अनुशासन और उत्साह के साथ नगर की मुख्य सड़क से गुजरे। इस ऐतिहासिक अवसर ने पूरे शहर में उत्सव और जागरूकता का वातावरण बना दिया।
मुख्य अतिथि परम पूज्य संत योगी विजय नाथ जी, देवभूमि संगम महादेव, बाबा भूतनाथ मंदिर कुल्लू ने संघ के गौरवशाली 100 वर्षों, गौ हत्या और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु के नवें अवतार के रूप में पूजा जाता है।
मुख्य वक्ता श्रीमान किशोर जी, प्रांत कृषक कार्य प्रमुख जिला कुल्लू ने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक जागरण के लिए समर्पित रही है। उन्होंने बताया कि संघ ने अपने इस लंबे इतिहास में कई चुनौतियों का सामना किया, जिसमें तीन बार संघ पर प्रतिबंध भी लगा। पहली बार 1948 में महात्मा गांधी हत्या के आरोप में, दूसरी बार 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लागू करने पर और तीसरी बार बाबरी विवाद के कारण। बावजूद इसके संघ ने अपने जीवन मूल्यों के बलबूते सतत् विकास किया और आज एक मजबूत संगठन बन चुका है।
श्रीमान किशोर जी ने श्रद्धेय डॉ. हेडगेवार द्वारा दिए गए जीवन संदेश पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों को अपनाने योग्य “पंच परिवर्तन” बताये:
सामाजिक समरसता
कुटुंब प्रबोधन
पर्यावरण संरक्षण
नागरिक कर्तव्य
स्व का भाव (स्वदेशी और आत्मनिर्भरता)
उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अन्य सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि और मीडिया कर्मी भी उपस्थित रहे। संपूर्ण नगर में इस अवसर पर विशेष उत्साह और अनुशासन का वातावरण रहा, और बड़ी संख्या में नागरिकों ने पथ संचलन का अवलोकन किया।
इस भव्य आयोजन ने RSS की 100 वर्षीय यात्रा को यादगार बनाया और लाहौल स्पीति में संगठन की सामाजिक और सांस्कृतिक गूंज को मजबूती दी।