साल 2026 के बजट में आम जनता को बड़ा तोहफा, 50 लाख तक की कमाई पर घटेगा इनकम टैक्स
कॉरपोरेट सेक्टर को भी राहत की उम्मीद
नई दिल्ली/30/10/2025
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने साल 2026 के आम बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं, और इस बार आम जनता के साथ-साथ उद्योग जगत को भी बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने सरकार को सिफारिश भेजी है कि 50 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स में राहत दी जाए। यदि सरकार इस सुझाव को स्वीकार करती है, तो मध्यम वर्ग और सैलरीड लोगों को बड़ा टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है।
50 लाख तक कमाई वालों को राहत की सिफारिश
PHDCCI ने कहा है कि वर्तमान टैक्स प्रणाली के तहत 24 लाख रुपये से अधिक कमाई पर 30% की दर लागू होती है। संगठन ने सुझाव दिया है कि 30% टैक्स दर को 50 लाख रुपये से ऊपर की कमाई पर लागू किया जाए, जबकि 30 लाख तक की आय पर अधिकतम टैक्स 20% और 30 से 50 लाख के बीच 25% से अधिक न रखा जाए।
संगठन का तर्क है कि मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर आम करदाताओं पर भारी बोझ डाल रहा है, क्योंकि सरचार्ज और सेस मिलाकर टैक्स दर कई मामलों में 39% तक पहुंच जाती है।
कॉरपोरेट टैक्स में भी कटौती की मांग
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले साल 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करेंगी। इससे पहले उद्योग जगत ने कॉरपोरेट टैक्स को 25% से भी कम करने की मांग रखी है। PHDCCI का कहना है कि पहले कॉरपोरेट टैक्स 35% था, जो अब 25% पर आ गया है, और इसके बावजूद टैक्स कलेक्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है — वर्ष 2018-19 में 6.63 लाख करोड़ से बढ़कर अब 8.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
संगठन का मानना है कि यदि टैक्स दरों को और घटाया जाता है, तो उद्योग जगत को निवेश के लिए और प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे रोजगार और विकास दर दोनों में तेजी आएगी।
नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को टैक्स में राहत की सिफारिश
संगठन ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए इनकम टैक्स की धारा 115BAB में संशोधन किया जाए। इसके तहत नई मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों पर टैक्स दर 15% से अधिक नहीं रखी जानी चाहिए।
यह टैक्स रियायत पहले सितंबर 2019 में लागू की गई थी और 31 मार्च 2024 तक बढ़ाई गई थी। संगठन चाहता है कि इस रियायती टैक्स दर को आगे भी जारी रखा जाए, ताकि विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश करने और उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिले।
आम जनता और उद्योग जगत दोनों के लिए उम्मीदें
अगर सरकार इन सिफारिशों को मान लेती है, तो आम करदाताओं को टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी, और कॉरपोरेट सेक्टर को भी निवेश के लिए अनुकूल माहौल मिलेगा। अब सबकी निगाहें 2026 के बजट पर टिकी हैं, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फरवरी में संसद में पेश करेंगी।