संजौली मस्जिद विवाद पर नया तनाव: क्या रुक गया बड़ा विरोध? प्रशासन–संगठनों में रातभर बातचीत, कमल गौतम ने दिया बयान
शिमला/21/11/2025
शिमला के संजौली इलाके में मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर उफान पर है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन के बीच सुबह माहौल सामान्य दिखाई दिया, जिससे यह चर्चा तेज हो गई कि क्या प्रशासन ने संगठनों को समझा लिया है। हालांकि हिंदू संगठन इस बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि उनका आंदोलन अब भी जारी है।
अनशन चौथे दिन में प्रवेश, संगठन कर रहे हैं लिखित आदेश की मांग
संजौली थाने के बाहर हिंदू संघर्ष समिति और अन्य संगठनों का आमरण अनशन लगातार जारी है। उनकी प्रमुख मांगें—14 नवंबर को दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करना, विवादित मस्जिद का बिजली–पानी काटना और भवन को सील करना—हैं।
गुरुवार देर रात प्रशासन और संगठन के नेताओं के बीच लंबी बातचीत चली। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन मौखिक तौर पर एफआईआर वापस लेने और बिजली–पानी रोकने पर सहमत हुआ है, लेकिन हिंदू प्रदर्शनकारी लिखित आदेश मिलने से पहले अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हैं।
सुबह पुलिस बल गायब, प्रदर्शन टलने की अटकलें
गुरुवार रात संजौली क्षेत्र में भारी पुलिस फोर्स, बैरिकेड्स और सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे। लेकिन शुक्रवार सुबह मस्जिद और उसके आसपास की सड़कें सामान्य दिखीं—पुलिस कर्मी नजर नहीं आए और बैरिकेड्स भी हटा लिए गए।
इसके बाद यह चर्चा फैल गई कि शायद प्रदर्शन रुक गया है। हालांकि अभी तक प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
कमल गौतम का दावा—“आंदोलन अभी भी जारी, कोई भ्रम न पाले”
हिंदू नेता कमल गौतम ने सोशल मीडिया पर साफ लिखा कि किसी तरह की अफवाह पर भरोसा न किया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन से हुई बातचीत में अभी कोई ठोस सहमति नहीं बनी है और उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि “जब तक लिखित निर्णय हमारे हाथ में नहीं आता, पीछे हटने का सवाल ही नहीं।”
मस्जिद को लेकर विवाद कैसे बढ़ा?
शिमला नगर निगम और जिला अदालत दोनों ने संजौली मस्जिद को अवैध संरचना घोषित किया है।
पहले निगम ने केवल ऊपरी दो मंजिलों को गैरकानूनी माना था, लेकिन बाद में पूरे ढांचे को अवैध बताते हुए इसे गिराने के आदेश दिए गए। बावजूद इसके अभी तक भवन तोड़ने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके चलते स्थानीय संगठनों का आक्रोश बढ़ा है।
प्रदर्शन क्यों करने की तैयारी?
14 नवंबर को इस मस्जिद में जुमे की नमाज रोकने की कोशिश को लेकर पुलिस ने छह लोगों, जिनमें दो महिलाएँ भी शामिल थीं, पर मामला दर्ज किया था।
इसी विरोध में हिंदू संघर्ष समिति के सदस्य संजौली थाने के बाहर तंबू लगाकर बैठ गए और आमरण अनशन शुरू कर दिया। आज अनशन का चौथा दिन है।
उनकी मुख्य मांगें हैं—
विवादित मस्जिद में नमाज बंद करवाना
बिजली–पानी की आपूर्ति रोकना
पूरी इमारत को सील करना
और दर्ज एफआईआर को रद्द करना
पुलिस हर स्थिति पर अलर्ट
संभावित तनाव को देखते हुए गुरुवार रात अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाकर संजौली में तैनात किया गया था।
संजौली मस्जिद के बाहर पहले भी 2024 में बड़ा प्रदर्शन हो चुका है, जिसमें टकराव भी हुआ था। यही वजह है कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।