संजौली मस्जिद विवाद: थाने के बाहर तंबू लगाकर आमरण अनशन, FIR वापसी और कार्रवाई की उठी मांग
शिमला/19/11/2025
शिमला। राजधानी शिमला के संजौली इलाके में मस्जिद को लेकर जारी विवाद एक बार फिर उग्र हो गया है। जुमे की नमाज रोकने के मामले में दो महिलाओं सहित छह लोगों पर FIR दर्ज किए जाने के विरोध में अब सभी आरोपितों ने संजौली थाने के बाहर तंबू डालकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। बुधवार को अनशन का दूसरा दिन था और आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने कदम नहीं उठाए तो शुक्रवार को बड़ा प्रदर्शन होगा।
बीते शुक्रवार को मस्जिद में नमाज पढ़ने पर रोक लगाने को लेकर स्थानीय महिलाओं और हिंदू संगठन के सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। पुलिस का कहना है कि धार्मिक गतिविधि में बाधा पहुंचाने पर छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिकायत के बिना एसएचओ ने एकतरफा कार्रवाई की है।
अनशन पर बैठी महिलाओं में शामिल कल्पना शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा—“आंदोलन की नई सुबह, जय सनातन।” मौके पर हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ता लगातार मौजूद हैं और मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
देवभूमि संघर्ष समिति का आरोप है कि संजौली मस्जिद को लेकर पहले एमसी कोर्ट और जिला अदालत दोनों इसे अवैध करार देकर ढहाने का आदेश दे चुकी हैं। इसके बावजूद न बिजली-पानी के कनेक्शन काटे गए और न ही स्थल पर गतिविधियाँ रोकी गईं। समिति का कहना है कि जब तक दर्ज FIR वापस नहीं ली जाती और अदालत के आदेशों पर कार्रवाई नहीं होती, अनशन जारी रहेगा।
सह-संयोजक विजय शर्मा और मदन ठाकुर ने कहा कि यदि मांगों को जल्द नहीं माना गया तो 11 सितंबर 2024 की तर्ज पर बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 24 घंटे की समय-सीमा दी है और शुक्रवार को निर्णायक कदम उठाने की बात कही है।
इस बीच, पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्थानीय प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है। विवाद का केंद्र मस्जिद के कथित अवैध निर्माण, बिजली-पानी कनेक्शन और धार्मिक गतिविधियों को लेकर लंबी अवधि से चल रहे मतभेद हैं, जिन पर अब फिर तनाव गहरा गया है।