शिमला पुलिस मुख्यालय में सतर्कता सम्मेलन, डीजीपी बोले — “ईमानदारी ही व्यवस्था की पहचान”
शिमला। सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 की पूर्व संध्या पर हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय, शिमला में पदेन सतर्कता अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी (आईपीएस) ने की।
कार्यक्रम में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस मौके पर डीजीपी ने कहा कि विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता अधिकारी अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि “सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी है और प्रत्येक अधिकारी को अपने विभाग में ईमानदारी की संस्कृति स्थापित करने के लिए जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।”
डीजीपी तिवारी ने ‘कदाचार’ और ‘आपराधिक कदाचार’ के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि हर मामले में कानून और विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने अभियोजन स्वीकृति में देरी पर चिंता जताई और विभागों को समयबद्ध जवाब देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सतर्कता जांच की विश्वसनीयता और गति बनाए रखने के लिए विभागों और ब्यूरो के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इस सप्ताह 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक “सतर्कता – हमारी साझा जिम्मेदारी” विषय पर जागरूकता सप्ताह मना रहा है। इस दौरान प्रदेशभर में जागरूकता कार्यक्रम, सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञाएँ और विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
ब्यूरो ने लोगों से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जानकारी साझा करने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।