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दिन की मजदूरी, रात की पढ़ाई: टूटा फोन लेकर नीट क्रैक कर MBBS कर रहा शेख सरफराज

नई दिल्ली/28/09/2025

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नई दिल्ली: नीट यूजी दुनिया की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है, जहां लाखों अभ्यर्थी कोचिंग के सहारे ही सफलता की उम्मीद करते हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल के शेख सरफराज ने इस चुनौती को बिना कोचिंग के पार कर दिखाया। दिन में मजदूरी और रात में पढ़ाई करते हुए उन्होंने नीट 2024 में 677 अंक हासिल कर नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाया।

सरफराज पूर्व मेदिनीपुर जिले के रहने वाले हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी, इसलिए वह रोजाना सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक सिर पर ईंटें ढोने का काम करते थे और इसके बदले 300-400 रुपये कमाते थे। इसके बाद वह पढ़ाई में जुट जाते थे। उनका सपना पहले एनडीए में शामिल होने का था। उन्होंने 2022 में एनडीए लिखित परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू से एक महीने पहले एक्सीडेंट के कारण मेडिकल परीक्षण में अयोग्य ठहरा दिए गए।

हालांकि सरफराज ने हार नहीं मानी और नीट की तैयारी में जुट गए। आर्थिक तंगी के कारण उनके पास स्मार्टफोन नहीं था। उन्होंने अपने शिक्षक से टूटी स्क्रीन वाला फोन उधार लिया और उसी पर ऑनलाइन लेक्चर अटेंड किए। दिनभर की मजदूरी के बाद 1 घंटे का आराम और फिर नीट का रिवीजन और पिछले सालों के पेपर हल करने का सिलसिला चलता रहा।

सरफराज की मेहनत रंग लाई और नीट 2024 में सफलता मिलने के बाद कोचिंग संस्थापक अलख पांडे की मदद से उन्हें नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला। अब वह एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं और भविष्य में गरीब तबके के लोगों का मुफ्त इलाज करने का सपना देखते हैं।

शेख सरफराज की कहानी यह साबित करती है कि इच्छाशक्ति, मेहनत और संघर्ष से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है, चाहे आर्थिक तंगी और कठिनाइयां कितनी भी हों।

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