शिक्षकों की भारी कमी और 13% डीए लंबित, सरकार के खिलाफ भड़के कर्मचारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को लंबित महंगाई भत्ते (DA) की अदायगी में हो रही देरी को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। हिमाचल अध्यापक संघ के अध्यक्ष और संयुक्त कर्मचारी महासंघ के नेता वीरेंद्र चौहान ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर सरकार को आगाह किया कि यदि जल्द डीए जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी बड़े आंदोलन की राह पकड़ेंगे।
वीरेंद्र चौहान ने कहा कि कर्मचारियों का 13% डीए लंबित है। मुख्यमंत्री ने बजट सत्र में मई महीने में 3% डीए देने की घोषणा की थी, लेकिन अगस्त तक भी इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार कहती है कि प्रदेश में पैसों की कमी नहीं है, तो फिर कर्मचारियों का डीए क्यों रोका गया है।
चौहान ने तंज कसते हुए कहा, “जब सरकार कर्मचारियों को डीए तक नहीं दे पा रही है तो ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) कहां से देगी।” उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति का बहाना बनाकर कर्मचारियों के हक को रोका नहीं जा सकता।
शिक्षकों की भारी कमी, भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग
अध्यापक संघ अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं, जिन्हें नई भर्तियों के माध्यम से भरा जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि कमीशन के जरिए शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करे तो सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी और बच्चों की इनरोलमेंट भी बढ़ेगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने स्कूल बंद कर कमी पूरी करने की सोची तो इससे स्थिति और बिगड़ेगी। कर्मचारियों और अध्यापकों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।