शिमला में रिटायर पेंशनरों का डीसी ऑफिस के बाहर जोरदार प्रदर्शन: DA और लंबित भुगतान की मांग
शिमला/17/10/2025
शिमला: हिमाचल प्रदेश में रिटायर अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने लंबित वित्तीय लाभों को लेकर आज जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। शिमला के डीसी ऑफिस के बाहर पेंशनरों ने नारे लगाए जैसे 'DA चोर, गद्दी छोड़', जिससे साफ जाहिर हुआ कि वे अपने हक के लिए कितने नाराज हैं। पेंशनरों का कहना है कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच रिटायर हुए कर्मचारियों को संशोधित कम्युटेशन, लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता और पिछले दो सालों से लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।
हिमाचल संयुक्त पेंशनर संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेश भर के लगभग 1.30 लाख पेंशनर आज अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव इंद्र पाल शर्मा, अतिरिक्त महासचिव भूप राम और मीडिया प्रमुख सेन राम नेगी ने बताया कि सरकार बार-बार आश्वासन देती रही है, लेकिन आर्थिक संकट के कारण अब तक कोई लाभ नहीं मिला। एचआरटीसी के रिटायर पेंशनर दो दिन से लगातार प्रदर्शन कर रहे थे, अब अन्य विभागों के रिटायर पेंशनर भी इसमें शामिल हो गए हैं।
संघर्ष समिति ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 3 प्रतिशत डीए की घोषणा से भी पेंशनर मायूस
हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2023 को 4 प्रतिशत डीए जारी किया था, जबकि राज्य सरकार केवल तीन प्रतिशत देने की बात कर रही है। पेंशनरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज होगा और वे आर-पार की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि हिमाचल के रिटायर पेंशनर अब अपने अधिकारों के लिए सड़कों तक उतरने को मजबूर हो चुके हैं, और राज्य सरकार परव बढ़ाने के लिए वे हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं।