शिमला नागरिक सभा की बैठक, बंदरों-कुत्तों के मुद्दे पर 29 सितंबर को होगा प्रदर्शन
शिमला/24/09/2025
शिमला। शिमला नागरिक सभा की कमेटी की बैठक शहर में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जगमोहन ठाकुर (अध्यक्ष) ने की और संचालन विवेक कश्यप (सचिव) ने किया। इस बैठक में सुनील वशिष्ठ (कोषाध्यक्ष), महेश वर्मा, किशोरी डडवालिया, जगदीप पावर, प्रो. राजेंद्र चौहान, गजाला अनवर, सोनिया सवरवाल, रमा रावत, संजय विजय कौशल, रंजना जैरेट, खजूरिया और पवन शर्मा उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि शिमला शहर में बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। नागरिक सभा ने दोहराया कि 17 सितंबर को पहले ही नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर यह मांग की गई थी कि शहर में आवारा कुत्तों के लिए सख्त कानून बनाए जाएं।
बैठक में तय हुआ कि हर वार्ड के पार्षदों को ज्ञापन सौंपा जाएगा और उनसे आग्रह किया जाएगा कि नागरिक सभा की इन मांगों को नगर निगम की मासिक बैठक में उठाया जाए।
नागरिक सभा ने अपनी प्रमुख मांगें इस प्रकार रखीं—
शिमला शहर में बंदरों और कुत्तों को पकड़कर व्यापक रूप से नसबंदी की जाए।
शहर के हर जोन में कुत्ता शेल्टर और पाउंड बनाए जाएं।
प्रत्येक वार्ड में समर्पित फीडिंग ज़ोन की व्यवस्था हो।
बंदरों और कुत्तों के काटने पर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए।
लोगों को आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
24x7 हेल्पलाइन नंबर और रिपोर्टिंग सिस्टम शुरू किया जाए।
सभा ने घोषणा की कि इस मुद्दे को लेकर हर वार्ड में बैठकें आयोजित की जाएंगी और 29 सितंबर को, जिस दिन नगर निगम की मासिक बैठक प्रस्तावित है, नागरिक सभा नगर निगम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन करेगी।
अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर और सचिव विवेक कश्यप ने स्पष्ट किया कि जब तक शिमला शहर को बंदरों और कुत्तों की समस्या से राहत नहीं मिलती, तब तक नागरिक सभा का संघर्ष पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।