शिमला पार्किंग विवाद: पार्षद ने लड़कियों की बनाई वीडियो, थाने में हंगामा — बीयर पीने का लगाया आरोप
शिमला/31/10/2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम के कंगनाधार वार्ड की पार्किंग में उस समय हंगामा हो गया जब वार्ड के पार्षद ने पार्किंग में बैठी कुछ युवतियों की मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। पार्षद का आरोप था कि लड़कियां कार में बैठकर बीयर पी रही थीं, जबकि लड़कियों और उनके साथ मौजूद संस्थान के स्टाफ ने आरोप को गलत बताया। मामला बढ़ते-बढ़ते थाने तक पहुंच गया और अंततः पार्षद के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
29 अक्टूबर दोपहर लगभग 1:15 बजे निजी शिक्षण संस्थान की कुछ छात्राएं और स्टाफ सरकारी पार्किंग में वाहन के अंदर बैठे हुए थे। इसी दौरान स्थानीय पार्षद वहां पहुंचे और बिना अनुमति फोटो और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। स्टाफ और युवतियों ने विरोध किया और पूछा कि वह वीडियो क्यों बना रहे हैं, जबकि कोई गलत गतिविधि नहीं हो रही थी।
पार्षद ने जवाब में कहा कि उन्हें शक था कि लड़कियां बीयर पी रही थीं, इसलिए उन्होंने रिकॉर्डिंग की। इस पर लड़कियों और स्टाफ ने सवाल उठाया कि बिना सबूत किसी पर आरोप कैसे लगाया जा सकता है — “अगर कोई बोतल हाथ में होगी तो क्या हर बार यही मान लेंगे कि हम बीयर पी रहे हैं?”
थाने में हंगामा, SHO के सामने बहसबाज़ी
विवाद इतना बढ़ा कि मौके पर SHO खुद पहुंचे। पार्किंग में खड़े लोगों ने पार्षद को घेर लिया और कहा कि बिना अनुमति वीडियो बनाना प्राइवेसी का उल्लंघन है। युवतियों के स्टाफ ने कहा कि अगर पार्षद को शक है तो वे मेडिकल टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं।
पार्षद ने कहा कि उनके पास फोटो और वीडियो सबूत हैं और वे इन्हें अदालत में पेश करेंगे।
विवाद का वीडियो भी सामने आया है जिसमें पार्किंग में तीखी बहस होती दिख रही है।
पार्षद के खिलाफ दर्ज हुआ केस
संस्थान की ओर से शिमला थाना में शिकायत दी गई। इसके आधार पर पार्षद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा —
74, 77, 78, 79, 351(2) और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है।
इन धाराओं के तहत बिना अनुमति फोटो/वीडियो बनाना, निजी जीवन में हस्तक्षेप, बहसबाज़ी और विवाद को बढ़ाना शामिल है।
युवतियों का कहना
“हम सिर्फ लंच कर रहे थे।”
“यह पार्किंग पब्लिक जगह है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई हमारी वीडियो बनाए।”
पार्षद का पक्ष
“लड़कियां किसी बोतल से कुछ पी रही थीं, इसलिए वीडियो बनाया।
पार्किंग में बैठकर गंदगी करने की आदत पड़ जाती है।”
घटना ने निजी स्वतंत्रता, प्राइवेसी और सार्वजनिक स्थानों पर व्यवहार की सीमाओं को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मामला अब पुलिस और अदालत तक पहुंच चुका है, जहां आगे की कार्रवाई तय होगी।