शिमला में राशनकार्ड फर्जीवाड़ा: 55 हजार से अधिक लाभार्थियों पर जांच शुरू
शिमला/25/09/2025
शिमला जिले में बीपीएल और अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशनकार्ड में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जिला प्रशासन की जांच में 55,839 राशनकार्ड लाभार्थी संदेहास्पद पाए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि सूची में 92 मृतक लाभार्थियों के नाम भी शामिल हैं। यह राशनकार्ड बीपीएल, अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता घरेलू श्रेणी के हैं।
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बुधवार को बचत भवन में हुई जिला स्तरीय सतर्कता समिति और सार्वजनिक वितरण समिति की समीक्षा बैठक में यह रिपोर्ट पेश की गई। खाद्य आपूर्ति विभाग ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई लाभार्थियों की सूची के आधार पर अपात्र लोगों की पहचान कर उन्हें सूची से बाहर किया जाएगा। जांच में ऐसे लाभार्थी शामिल हैं जिनकी आयु 100 से अधिक, या 18 वर्ष से कम है, 4083 साइलेंट कार्डधारक, 429 डुप्लीकेट कार्डधारक, 43,957 पीएम किसान भूमि धारक जिनके पास 2.5 एकड़ से अधिक भूमि, और 890 लाभार्थी जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा 13 जीएसटीएन धारक, 5613 वाहन स्वामी और 171 कॉरपोरेट डायरेक्टर भी सूची में पाए गए हैं।
बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। जिले में कुल 66,230 परिवार और 2,69,425 जनसंख्या का चयन किया गया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम महीने में कम से कम पांच सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील का निरीक्षण करें, जिसमें खाने की गुणवत्ता, बच्चों की व्यवस्था और किचन की सफाई शामिल होगी।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में 623 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं। जून 2025 से अगस्त 2025 तक 1257 निरीक्षण किए गए, जिनमें 12 दुकानों में अनियमितताएं पाई गई और ₹20,250 जुर्माना वसूल किया गया। बैठक में कई नए गांवों और वार्डों में नई उचित मूल्य की दुकानें खोलने की भी मंजूरी दी गई।