शिमला के रिज मैदान में वीरभद्र सिंह की नौ फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण, राम सुतार ने की मूर्ति निर्माण
शिमला: हिमाचल प्रदेश के छह बार के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह की याद में शिमला के रिज मैदान पर उनकी प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है। यह प्रतिमा वीरभद्र सिंह फाउंडेशन द्वारा बनवाई गई है, और इसके निर्माण के लिए आम जनता से डोनेशन भी लिया गया।
इस मूर्ति का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है। राम सुतार का नाम भारत के प्रमुख मूर्तिकारों में शामिल है और उन्होंने स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारकों को भी डिजाइन किया है। राम सुतार के साथ उनके बेटे अनिल सुतार भी मूर्तिकार के रूप में कार्यरत हैं।
वीरभद्र सिंह की यह प्रतिमा अष्टधातु से बनी है और इसकी लागत लगभग 24 लाख रुपये आई है। यह करीब नौ फीट ऊंची है और शिमला के दौलत सिंह पार्क में स्थापित की जा रही है। प्रतिमा के निर्माण में करीब छह माह का समय लगा।
इस प्रतिमा के साथ ही हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री यशवंत सिंह परमार की मूर्ति भी स्थापित है। शिमला के रिज मैदान पर पहले से ही महात्मा गांधी, देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की प्रतिमाएं भी लगी हुई हैं।
राम सुतार – शताब्दी वर्ष के मूर्तिकार
राम सुतार का जन्म 19 फ़रवरी 1925 को महाराष्ट्र के धुले जिले के गोंडूर गाँव में हुआ था। बाद में वह महाराष्ट्र से दिल्ली आकर बस गए। वर्तमान में राम सुतार 100 साल के हो चुके हैं और भारतीय मूर्तिकला जगत में उनका विशेष स्थान है।
वीरभद्र सिंह का जीवन और राजनीतिक करियर
वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 1962 में चुनाव जीतकर की थी। अपने जीवन में उन्होंने कुल 14 चुनाव लड़े और पांच बार सांसद चुने गए। इसके अलावा, उन्हें छह बार हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा विक्रमादित्य सिंह हैं।
शिमला में वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण उनकी राजनीतिक उपलब्धियों और जनसेवा को सम्मानित करने के लिए किया जा रहा है। यह प्रतिमा उनके योगदान को यादगार रूप में समर्पित करने का प्रयास है, जिसे जनता की यादों में हमेशा जीवित रखा जाएगा।