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युग हत्याकांड में हाई कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला, परिजन फैसले से नाराज

शिमला | 23/09/2025

शिमला | बहुचर्चित युग हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को हाईकोर्ट ने दो दोषियों के लिए आजीवन कैद में बदल दिया है, जबकि बाकी दोषियों के मामले में बारी करने के आदेश दिए गए हैं। यह फैसला 11 वर्षों के लंबित न्याय के बाद आया है, जिससे युग के परिजन गहरे निराश और आक्रोशित हैं।

युग के पिता विनोद गुप्ता ने कहा कि 11 साल बीत जाने के बावजूद उनके बच्चे को न्याय नहीं मिला। उनका कहना है कि दोषियों को फांसी मिलनी चाहिए थी और यह फैसला उनके लिए कोई राहत नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में न्याय की गुहार लगाने और दोषियों को तुरंत फांसी देने की मांग करने की बात कही।

याद रहे, 14 जून 2014 को शिमला के राम बाजार से चार साल के युग का अपहरण किया गया था। दो साल बाद, अगस्त 2016 में भराड़ी के पेयजल टैंक से युग का कंकाल बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि अपहरणकर्ताओं ने मासूम के शरीर में पत्थर बांधकर उसे जिंदा पानी से भरे टैंक में फेंक दिया था।

इस मामले की सीआईडी ने 25 अक्टूबर 2016 को चार्जशीट अदालत में दायर की थी। 20 फरवरी 2017 से ट्रायल शुरू हुआ और कुल 135 में से 105 गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने साढ़े 10 महीनों में दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद युग के परिजन अब न्याय की अंतिम उम्मीद सुप्रीम कोर्ट में लगाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

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