सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने की कोशिश: वकील संगठनों ने किया विरोध, आज प्रदर्शन का ऐलान
नई दिल्ली/07/10/2025
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई पर आज कोर्ट रूम में जूता फेंकने की कोशिश के मामले ने देशभर में हलचल मचा दी है। इस घटना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन और ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने निंदा जताई है और इसे सुप्रीम कोर्ट तथा न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।
वकील संगठनों की दिल्ली इकाई ने ऐलान किया है कि 7 अक्टूबर यानी आज सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा। घटना के तुरंत बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने आरोपी वकील राकेश किशोर का वकील लाइसेंस निरस्त कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के सचिव निखिल जैन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया जाना चाहिए और संबंधित वकील के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का मामला चलाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को गिराने की कोशिश बताया।
ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के अखिल भारतीय महासचिव और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील पीवी सुरेंद्र नाथ ने इस घटना को न्यायपालिका पर हमला करार देते हुए कहा कि यह देश में नाथूराम माइंड की उपज है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने घटना की विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
, सुबह 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर ने चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की, लेकिन कोर्ट रूम में मौजूद पुलिस कांस्टेबल ने उसे तुरंत पकड़ लिया। जब उसे बाहर ले जाया गया, तो उसने जोर से कहा, “सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।” किशोर इस बात से आहत था कि चीफ जस्टिस ने भगवान विष्णु को लेकर टिप्पणी की थी।
यह घटना वकील संगठनों और न्यायिक समुदाय में चर्चा का विषय बनी हुई है। वकील संगठनों का कहना है कि न्यायपालिका पर कोई हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।