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श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के 47 मछुआरों को किया गिरफ्तार ,मछुआरा समुदाय में दहशत

रामेश्वरम/09/10/2025

mchuaare

रामेश्वरम: श्रीलंकाई नौसेना ने सीमा पार से मछली पकड़ने के आरोप में तमिलनाडु के 47 मछुआरों को रातोंरात गिरफ्तार कर लिया, जिससे मछुआरा समुदाय में दहशत फैल गई है। मछुआरे अब सरकार से इस मामले में जलज मदद की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, रामेश्वरम मछली पकड़ने वाले बंदरगाह से 300 से अधिक नावों में सवार मछुआरे कल शाम मछली पकड़ने समुद्र में गए थे। जब वे धनुषकोडी और थलाईमन्नार के बीच मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना ने 30 मछुआरों को बंदूक की नोक पर गिरफ्तार कर लिया और उनकी चार मोटरबोट भी जब्त कर ली। इन मछुआरों को मन्नार नौसैनिक शिविर ले जाया गया। नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि सुबह इन्हें उनकी नावों के साथ मन्नार मत्स्य विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। इस घटना से रामेश्वरम और आसपास के मछली पकड़ने वाले गाँवों में खलबली मच गई।

इसी रात श्रीलंकाई नौसेना ने नेदुनथीवु के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में मछली पकड़ रहे 17 अन्य मछुआरों को गिरफ्तार किया और उनकी एक नाव जब्त कर ली। इन मछुआरों को कांकेसंथुराई नौसैनिक शिविर ले जाया गया। अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि ये मछुआरे किस क्षेत्र के हैं। कुल मिलाकर, एक ही रात में 5 मछली पकड़ने वाली नावें जब्त की गईं और 47 मछुआरों को हिरासत में लिया गया, जिससे मछुआरा समुदाय में भय का माहौल बन गया।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने श्रीलंकाई नौसेना की इस कार्रवाई पर समय-समय पर केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर जानकारी दी है। डीएमके समेत कई राजनीतिक दलों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान केवल कच्चातीवु पर अधिकार हासिल करने से ही संभव है। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में पिछले अप्रैल में तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया था और इसे केंद्र सरकार को भेजा गया।

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