धनतेरस से पहले सूर्य का राशि परिवर्तन: चमकेगा कुछ राशियों का भाग्य, तो कुछ को बरतनी होगी सावधानी
तुला संक्रांति के साथ बदला ग्रहों का संतुलन, सभी 12 राशियों पर दिखेगा असर
दीपावली से ठीक पहले सूर्य देव ने अपनी चाल बदल दी है। शुक्रवार, 17 अक्टूबर को ग्रहों के राजा सूर्य ने कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह परिवर्तन बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि सूर्य का यह गोचर तुला संक्रांति कहलाता है। इस दौरान सूर्य अपनी नीच राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे उनकी शक्ति कुछ कम हो जाती है। ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, यह समय आत्मविश्वास, संबंधों और करियर में उतार-चढ़ाव का दौर ला सकता है। आइए जानते हैं, यह बदलाव आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा—
मेष राशि – रिश्तों में संयम और खर्चों पर लगाम रखें
सूर्य का यह गोचर मेष राशि वालों के लिए संतुलन की परीक्षा जैसा रहेगा। रिश्तों में धैर्य और समझ जरूरी है, वरना मतभेद बढ़ सकते हैं। प्रेम संबंधों में नया मोड़ आ सकता है। नौकरी और समाज में सम्मान बढ़ेगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।
उपाय: रोजाना कुमकुम मिले जल से सूर्य देव को अर्घ्य दें।
वृषभ राशि – धन लाभ और आत्मविश्वास में वृद्धि
वृषभ राशि के जातकों के लिए तुला संक्रांति शुभ संकेत दे रही है। विदेश से लाभ, कार्य में प्रगति और पुरानी बीमारियों से राहत संभव है। सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय: गायत्री चालीसा का नियमित पाठ करें।
मिथुन राशि – करियर में नए अवसर और सफलता
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय ऊर्जा और उपलब्धियों से भरा रहेगा। नई नौकरी या प्रमोशन के संकेत हैं। घर की सजावट और नई चीजों की खरीदारी के योग हैं। विद्यार्थियों को भी पढ़ाई में सफलता मिलेगी।
उपाय: प्रतिदिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
कर्क राशि – पारिवारिक तनाव और धन का उतार-चढ़ाव
सूर्य का यह गोचर कर्क राशि के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा। परिवार में मनमुटाव और कार्यस्थल पर दबाव की स्थिति बन सकती है। अचानक धन लाभ तो होगा, लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय: सूर्याष्टक स्तोत्र का पाठ करें।
सिंह राशि – भाग्य का साथ, करियर में तरक्की के संकेत
सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्यवर्धक रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा, साहस बढ़ेगा और परिवार का साथ मिलेगा। व्यापारियों को अच्छा लाभ होगा। सेहत का ध्यान रखें और अति-थकान से बचें।
उपाय: रोजाना गायत्री मंत्र की एक माला जपें।
कन्या राशि – अधूरे कार्य होंगे पूरे, लेकिन तनाव से बचें
कन्या राशि के लिए यह गोचर औसत रहेगा। रुके हुए कार्यों में सफलता मिलेगी और सरकारी सहयोग के संकेत हैं। लेकिन खर्चों में वृद्धि और आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
उपाय: प्रतिदिन सूर्य देव को अर्घ्य दें।
तुला राशि – आत्मविश्वास रहेगा ऊंचा, पर क्रोध से नुकसान संभव
तुला राशि के स्वामियों के लिए यह अवधि मिश्रित रहेगी। सूर्य आपकी राशि में हैं, जिससे आत्मविश्वास तो बढ़ेगा परंतु गुस्सा और अहंकार से बचना जरूरी है। व्यापार में मतभेद की स्थिति बन सकती है।
उपाय: गाय को गुड़ और गेहूं खिलाएं।
वृश्चिक राशि – शत्रुओं पर जीत, लेकिन खर्चों में वृद्धि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह गोचर शुभता लाएगा। विरोधी कमजोर पड़ेंगे और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। हालांकि खर्चों में बढ़ोतरी और रिश्तों में तनाव की संभावना बनी रहेगी।
उपाय: सूर्याष्टक का नियमित पाठ करें।
धनु राशि – बढ़ेगा मान-सम्मान, मिलेगी आर्थिक स्थिरता
सूर्य का यह गोचर धनु राशि वालों के लिए बेहद शुभ रहेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी, करियर में सफलता मिलेगी और प्रेम जीवन में मधुरता आएगी। धन लाभ के योग हैं।
उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और सोमवार को जल चढ़ाएं।
मकर राशि – नौकरी में तरक्की लेकिन विवादों से बचें
मकर राशि वालों के लिए यह गोचर सामान्य रहेगा। करियर में सुधार के अवसर मिलेंगे, लेकिन लालच से बचना होगा। घर-परिवार में किसी के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है।
उपाय: माता-पिता का आशीर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करें।
कुंभ राशि – भाग्य का उदय और सफलता के नए रास्ते
कुंभ राशि के लिए तुला संक्रांति बेहद शुभ संकेत ला रही है। आत्मविश्वास बढ़ेगा, अधूरे कार्य पूरे होंगे और नई उपलब्धियों का मार्ग खुलेगा। धार्मिक यात्रा के योग भी बन रहे हैं।
उपाय: रविवार को उपवास करें और गाय को गुड़ खिलाएं।
मीन राशि – विवादों से दूरी और सेहत पर ध्यान रखें
मीन राशि के जातकों को इस अवधि में सतर्क रहना होगा। वाणी पर संयम रखें और आर्थिक मामलों में जल्दबाजी न करें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
उपाय: सूर्याष्टक का पाठ करें, लाभ मिलेगा।
धनतेरस से पहले सूर्य का यह राशि परिवर्तन एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जो हर राशि के जीवन में नई दिशा लेकर आएगी। कुछ जातकों के लिए यह दीवाली सौभाग्य लेकर आएगी, जबकि कुछ को संयम और धैर्य से काम लेना होगा। नियमित सूर्य उपासना, ध्यान और सेवा भाव से इस गोचर के शुभ फल को बढ़ाया जा सकता है।