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सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल बाढ़ में बहती लकड़ी और अवैध कटान पर जताई चिंता

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और लगातार बारिश के बीच बहती लकड़ी के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए पहाड़ों में पेड़ों की अवैध कटाई पर चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट ने रावी नदी में बाढ़ के पानी के साथ बहती लकड़ियों के वीडियो का हवाला देते हुए इसे गंभीर मुद्दा करार दिया।

जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद रावी नदी में बड़ी संख्या में लकड़ियां बह कर आईं। इससे पहले जून महीने में ब्यास नदी में भी इसी तरह लकड़ियां बह कर आई थीं, जिसने अवैध कटान पर गंभीर सवाल उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह पर्यावरण और जीवन दोनों के लिए खतरनाक स्थिति है।

प्रदेश में लगातार बारिश और बाढ़ के चलते जन-जीवन अस्त व्यस्त है। भारी बारिश, लैंडस्लाइड और बाढ़ से कई नेशनल हाईवे और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इसके अलावा, अब तक कई लोग जान गंवा चुके हैं और हजारों आशियाने तबाह हो चुकी हैं। सैकड़ों-पड़ोस के पशु-पक्षी भी इस आपदा की भेंट चढ़ गए हैं।

प्रदेश में आज भी भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी है, और प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पर्यावरण संरक्षण और अवैध कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है।

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