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डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे, शहबाज शरीफ से भी मुलाकात

न्यूयॉर्क/23/09/2025

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न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के उच्च स्तरीय 80वें सत्र में भाषण देंगे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। यह ट्रंप का राष्ट्रपति के रूप में यूएनजीए मंच से विश्व नेताओं को पहला संबोधन होगा।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ट्रंप अपने भाषण में अमेरिकी ताकत के नवीनीकरण, अपने आठ महीने के कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियों और सात वैश्विक युद्धों तथा संघर्षों के अंत पर प्रकाश डालेंगे। ट्रंप बार-बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को समाप्त किया है और यह संदेश वे संयुक्त राष्ट्र में भी दोहराएँगे। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक संस्थाओं ने विश्व व्यवस्था को काफी हद तक क्षतिग्रस्त किया है और वे विश्व के लिए अपना स्पष्ट और रचनात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।

ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ बैठक करेंगे और यूक्रेन, अर्जेंटीना तथा यूरोपीय संघ के नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा कतर, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के साथ बहुपक्षीय बैठक भी आयोजित करेंगे।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 22 सितंबर से न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 80वें सत्र में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार समेत अन्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

भारत-पाकिस्तान संबंधों की पृष्ठभूमि में, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। 10 मई को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वाशिंगटन की मध्यस्थता में दोनों देशों ने पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति दी है। ट्रंप ने तब से 40 से अधिक बार यह दावा दोहराया कि उन्होंने तनाव समाप्त करने में मदद की। भारत ने यह स्पष्ट किया कि युद्धविराम पर सहमति दोनों देशों के सैन्य महानिदेशकों (DGMO) के बीच हुई सीधे बातचीत के बाद बनी थी।

यह बैठक और ट्रंप का भाषण दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया, पाकिस्तान की अमेरिकी हमदर्दी की कोशिश और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिकी नेतृत्व को उजागर करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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