एयरपोर्ट पर हुई 100 मिनट की हाई-लेवल मुलाकात: ट्रम्प–शी आमने–सामने, व्यापार और ताइवान पर हुई गहन चर्चा
बुसान/30/10/2025
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गुरुवार को बुसान के गिम्हे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अचानक लेकिन बेहद अहम बैठक हुई। यह मुलाकात लगभग 100 मिनट तक चली और इसे बीते छह वर्षों में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हुई सबसे महत्वपूर्ण वार्ताओं में से एक माना जा रहा है। खास बात यह रही कि बैठक किसी सम्मेलन केंद्र या सरकारी परिसर में नहीं, बल्कि सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल में आयोजित की गई, जिससे इसकी गंभीरता और तात्कालिकता दोनों झलकती हैं।
बैठक में दोनों देशों की ओर से सात–सात वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री मार्को रुबियो, चीफ ऑफ स्टाफ और चीन में अमेरिकी राजदूत मौजूद थे। वहीं चीन की तरफ से विदेश मंत्री वांग यी के साथ शीर्ष अधिकारी और उप प्रधानमंत्री उपस्थित रहे। बैठक शुरू होते ही दोनों पक्षों ने औपचारिकता छोड़ सीधे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत शुरू की।
बातचीत के केंद्र में व्यापार विवाद, टैरिफ, ताइवान और यूक्रेन–रूस युद्ध जैसे संवेदनशील विषय रहे। अमेरिका ने हाल ही में चीनी सामान पर आयात शुल्क बढ़ाकर कई उत्पादों पर टैरिफ 145% तक कर दिया है। इस पर चीन ने चिंता जताई और ट्रम्प ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि समझौता होता है, तो वह टैरिफ कम करने पर विचार कर सकते हैं। ट्रम्प ने यह भी कहा कि चीन को अमेरिकी सोयाबीन और ऊर्जा उत्पादों की खरीद बढ़ानी चाहिए। दूसरी ओर, चीन ने रेयर अर्थ मटेरियल्स (जो डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होते हैं) की सप्लाई पर अमेरिका के दबाव का मुद्दा उठाया।
ताइवान का मामला बातचीत में सबसे संवेदनशील विषय रहा। अमेरिका ताइवान को हथियार उपलब्ध कराता है, जबकि चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है। शी जिनपिंग ने स्पष्ट रूप से कहा कि चीन अपनी संप्रभुता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। वहीं ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका शांति चाहता है, टकराव नहीं।
इस मुलाकात की खबर जैसे ही बाहर आई, उसके तुरंत बाद चीनी शेयर बाजार में उछाल दर्ज किया गया। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 10 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी तेजी में रहा। विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों में यह उम्मीद बढ़ गई है कि दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव अब कम हो सकता है।
मुलाकात के बाद ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शी जिनपिंग “एक मजबूत और कठिन वार्ताकार हैं, लेकिन हमारा संवाद हमेशा स्पष्ट और सीधा होता है।” वहीं शी जिनपिंग ने कहा कि चीन–अमेरिका के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग का रास्ता दुनिया के लिए बेहतर है।
बैठक समाप्त होते ही ट्रम्प सीधे वाशिंगटन के लिए रवाना हो गए। दोनों देशों के अधिकारियों ने फिलहाल किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं की है, लेकिन इस एयरपोर्ट बैठक ने संकेत दे दिया है कि अमेरिका और चीन व्यापार युद्ध की टकराहट से बातचीत की टेबल की ओर लौट रहे हैं।