ऊना में गैस रिसाव से मचा हड़कंप: तीन गांवों में जलन और सांस लेने में दिक्कत, ग्रामीणों का उद्योगों पर फूटा गुस्सा
ऊना/31/10/2025
ऊना विधानसभा क्षेत्र के सनोली, मजारा और मलूकपुर गांवों में मंगलवार शाम अचानक हड़कंप मच गया, जब करीब 7:30 बजे अज्ञात गैस के रिसाव के चलते लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में मुश्किल होने लगी। गांवों में फैले गैस के प्रभाव से लोग घबरा गए और एहतियातन अपने घरों की खिड़कियाँ व दरवाज़े बंद कर लिए। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय गुरुद्वारे से घोषणा करवाकर लोगों को घरों में ही रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की गई।
करीब एक घंटे तक दहशत का माहौल रहा, जिसके बाद गैस का प्रभाव कम होने लगा और स्थिति सामान्य हुई। सौभाग्य से कोई बड़ी स्वास्थ्य हानि नहीं हुई। हल्की तकलीफ झेल रहे तीन बच्चों को दवाई दी गई और वे स्वस्थ हैं।
ग्रामीणों का उद्योगों के खिलाफ फूटा गुस्सा
गैस का असर खत्म होते ही तीनों गांवों के लोग घरों से बाहर निकल आए और पंजाब सीमा के पास स्थित औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि—
यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी कई बार गैस रिसाव हो चुका है।
फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल्स ने भूजल तक को प्रदूषित कर दिया है।
प्रशासन में शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे उद्योगों के मुख्य द्वार पर धरना देंगे।
प्रशासन और विधायक मौके पर पहुँचे
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही:
एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल तत्काल मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायज़ा लिया।
ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने भी स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की बात सुनी।
विधायक सत्ती ने स्वीकार किया कि यह समस्या नई नहीं है और इसे लेकर हिमाचल व पंजाब प्रशासन के बीच पहले भी बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि:
डीसी ऊना, पंजाब प्रशासन, उद्योग प्रबंधन और गांव प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक जल्द होगी ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके।
गैस रिसाव की यह घटना पर्यावरणीय खतरे और प्रशासन के ढीले रवैये की ओर इशारा करती है। ग्रामीण अब स्थायी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।