उत्तराखंड में बारिश का कहर: 48 घंटे में तबाही और दहशत, देहरादून-चमोली में भारी नुकसान, कई लोगों की मौत
देहरादून/19/09/2025
उत्तराखंड में पिछले 48 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। इस दौरान देहरादून और चमोली जिलों में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े। देहरादून में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 15 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं चमोली, मसूरी और आसपास के इलाकों में भी भूस्खलन और पुल टूटने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश और सड़कों के अवरुद्ध होने से रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
देहरादून में इस बार तबाही का सबसे बड़ा असर सहस्त्रधारा और मालदेवता क्षेत्र में देखा गया, जहां अतिवृष्टि से नदी उफान पर आ गई और तेज बहाव में कई होटल, दुकानें और घर बह गए। मालदेवता क्षेत्र के 12 से ज्यादा गांव बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गए हैं। टपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भी तबाही का आलम देखने को मिला, जहां तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल बह गया और मंदिर के कई कमरे मलबे में दब गए। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक देहरादून जिले में 62 सड़कें और 8 पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसमें देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे, मसूरी रोड और हिमाचल से जोड़ने वाली सड़कें भी शामिल हैं।
मसूरी में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार 48 घंटे से जारी बारिश के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग बार-बार भूस्खलन से बंद होता रहा। कई पर्यटक होटल में फंसे रहे और कुछ को अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचना पड़ा। धनोल्टी और कैंपटी मार्ग भी घंटों तक बंद रहे, हालांकि बाद में मार्ग आंशिक रूप से खोल दिए गए।
चमोली जिले में नंदानगर ब्लॉक के कुंतरी लगा फाली, सरपाणी और धुर्मा गांवों में अतिवृष्टि से कहर टूटा। कई घर मलबे में दब गए, जिससे कई लोगों की मौत हुई और 14 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी चमोली के मुताबिक, कुंतरी लगा फाली में एक व्यक्ति की मौत हुई है और चार लोग लापता हैं। सरपाणी में भी एक व्यक्ति की मौत हुई और एक लापता है, जबकि धुर्मा में दो लोग अब भी लापता हैं। कई लोगों को मलबे से रेस्क्यू भी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, जून से सितंबर तक देहरादून में 1,906 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 1,378 मिमी होता है। यानी इस बार 38 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। केवल सितंबर में ही सहस्त्रधारा क्षेत्र में एक दिन में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने 100 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विज्ञान केंद्र ने 20 सितंबर तक देहरादून, नैनीताल, पौड़ी और चमोली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और 115 से 200 मिमी तक बारिश की संभावना जताई है।
बीते 48 घंटों की इस तबाही ने उत्तराखंड को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या राज्य लगातार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार और प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है, लेकिन हालात सामान्य होने में अभी समय लगेगा।