ठियोग NH-5 की टारिंग तीन दिन में उखड़ी, विक्रमादित्य सिंह के विभाग पर उठे सवाल — 3.23 करोड़ खर्च के बाद भी सड़कों की हालत खराब
शिमला/21/10/2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह के विभाग की सड़कों की गुणवत्ता को लेकर ठियोग क्षेत्र से बड़ी लापरवाही सामने आई है। नेशनल हाईवे-5 (NH-5) पर महज तीन दिन पहले की गई टारिंग अब जगह-जगह से उखड़ने लगी है, जिससे करोड़ों के खर्च पर टिकाऊ निर्माण के दावों की पोल खुल गई है।
जानकारी के अनुसार, ठियोग बाजार में हाल ही में विधायक कुलदीप राठौर ने पूजा-अर्चना कर करीब 2.25 किलोमीटर लंबे हिस्से की टारिंग का शुभारंभ किया था। इस सड़क पर 3.23 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि लंबे समय से खराब सड़कों से अब राहत मिलेगी, लेकिन कुछ ही दिनों में डामर की परतें उखड़ने लगीं और सड़क फिर से खराब हालत में पहुंच गई।
स्थानीय लोगों ने इस खराब गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार हर साल करोड़ों रुपये सड़कों की मरम्मत पर खर्च करती है, लेकिन कुछ महीनों में ही सड़कें फिर टूट जाती हैं। जनता का आरोप है कि “विक्रमादित्य सिंह भले ही मंचों से गुणवत्ता वाली सड़कों की बात करते हों, लेकिन विभागीय अधिकारी कागजों पर ही विकास दिखा रहे हैं।”
विभाग की सफाई
ठियोग एनएच कनम बरोटा विंग के अधिकारियों का कहना है कि सड़क की टारिंग क्वालिटी टेस्ट के बाद ही की गई थी, लेकिन ठंडे मौसम और ओस की वजह से डामर जम नहीं पा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि टारिंग के दौरान ट्रैफिक पूरी तरह से नहीं रोका जा सका, जिससे समस्या बढ़ गई। अधिकारियों ने दावा किया कि ठेकेदार को दोबारा मरम्मत का निर्देश दिया गया है और बिल भुगतान तब तक नहीं किया जाएगा जब तक सड़क सही नहीं होती।
SDM ने भी स्वीकारी खामी
ठियोग के SDM शशांक गुप्ता ने माना कि सड़क की पहली परत में उखड़न आई है और दूसरी परत में सुधार के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक पूरी तरह रोकना संभव नहीं था, जिससे काम प्रभावित हुआ।
स्थानीय जनता में रोष
लोगों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, तो विभाग को मौसम और तकनीक का ध्यान रखना चाहिए। “सिर्फ दिखावे के उद्घाटन से विकास नहीं होता,” एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा।
अब सवाल यह है कि क्या लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह इस खराब काम की जिम्मेदारी तय करेंगे या यह मामला भी कागज़ों में दबकर रह जाएगा।