विमल नेगी मौत केस: पेन ड्राइव फॉर्मेट करने के खुलासे पर भड़के जयराम ठाकुर, सरकार पर गंभीर आरोप
शिमला/18/09/2025
शिमला: हिमाचल प्रदेश के चर्चित विमल नेगी मौत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सीबीआई की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि शिमला के सदर थाने में नेगी के पास से मिली पेन ड्राइव को एएसआई पंकज शर्मा ने फॉर्मेट किया था। यह पूरा घटनाक्रम थाने के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है। इस खुलासे ने प्रदेश की राजनीति को हिला दिया है और विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मामले में बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री विधानसभा में खड़े होकर परिवार को न्याय का आश्वासन दे रहे थे, जबकि उसी समय पुलिस सबूत मिटा रही थी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह सब किसके इशारे पर हो रहा था और इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं। ठाकुर ने कहा कि इस मामले ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार शुरू से ही इस मामले को दबाने की कोशिश करती रही। परिवार द्वारा लगातार सीबीआई जांच की मांग किए जाने के बावजूद सरकार ने इसे नजरअंदाज किया, जिसके चलते परिजनों को सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च करना पड़ा और अंततः न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच रुकवाने के लिए भी सरकार ने एडवोकेट जनरल, शिमला एसपी और हिमाचल के डीजीपी के स्तर पर साजिशें रचीं, जो प्रदेश के इतिहास में काले धब्बे के रूप में दर्ज होंगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि विमल नेगी केस के जिन अधिकारियों और आरोपियों पर शक है, उन्हें दंडित करने की बजाय सरकार ने और अहम पदों पर पोस्टिंग देकर संरक्षण दिया। ठाकुर ने सवाल उठाया कि क्या यह सबूत नहीं है कि सरकार आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि विमल नेगी केस केवल एक इंजीनियर की मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह सरकार की पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय व्यवस्था की असलियत को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने "व्यवस्था परिवर्तन" के नाम पर जो वादे किए थे, उनकी हकीकत अब "व्यवस्था के पतन" के रूप में सामने आ रही है।