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कुछ ही देर में घर पहुंचेगी विंग कमांडर नमांश स्याल की पार्थिव देह, दोपहर बाद अंतिम संस्कार—देश ने खोया एक वीर सपूत

कांगड़ा/23/11/2025

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कांगड़ा। दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना के तेजस लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुखद घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। इस हादसे में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के वीर सपूत विंग कमांडर नमांश स्याल ने असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। संकट की उस घड़ी में उन्होंने अपनी जान दांव पर लगाकर सैकड़ों लोगों की जान बचाई, जिसके लिए देश उनका सदैव ऋणी रहेगा।

भारत पहुंची पार्थिव देह, घर में पसरा मातम

नमांश स्याल की पार्थिव देह दुबई से विशेष C-130 सैन्य विमान द्वारा भारत लाई गई। दक्षिणी वायु कमान के बेस पर उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई, जहां वायुसेना अधिकारियों और उनके साथियों ने सलामी देते हुए अंतिम विदाई दी। इसके बाद पार्थिव देह को हिमाचल के गगल एयरपोर्ट के लिए रवाना कर दिया गया, जहां से कुछ ही देर में यह उनके पैतृक गांव स्याल पहुंचेगी। दोपहर बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

साथियों की आंखें नम, दिया गार्ड ऑफ ऑनर

दुबई से लेकर भारत पहुंचने तक हर पड़ाव पर वायुसेना के जवान नमांश को अंतिम सलामी देते दिखे। गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान उनके साथियों की आंखें नम थीं। कई अधिकारियों ने कहा कि नमांश ने सिर्फ एक पायलट नहीं, बल्कि एक सच्चे योद्धा की तरह जान देकर सैकड़ों निरपराध लोगों के जीवन की रक्षा की।

सैकड़ों लोगों की जान बचाकर खुद हो गए शहीद

तेजस विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद एयर शो स्थल पर हजारों दर्शक मौजूद थे। हादसे के ठीक पहले सेकेंडों में लिए गए निर्णय ने नमांश को अमर बना दिया। उन्होंने विमान को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से दूर मोड़ते हुए खुले इलाके की ओर ले जाने का साहसिक निर्णय लिया। अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना, उन्होंने केवल यह सोचा कि किसी भी कीमत पर आम नागरिकों की जान बचनी चाहिए। दुर्भाग्य से इस वीरता के प्रयास में वे स्वयं शहीद हो गए।

परिवार पर टूटा दुख का पहाड़—पिता ने लाइव देखा हादसा

नमांश अपने पीछे पत्नी—जो स्वयं भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर हैं—और पहली कक्षा में पढ़ने वाली छोटी बेटी को छोड़ गए हैं। परिजनों के अनुसार, हादसे से कुछ समय पहले वह अपने पिता से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे और उन्हें घर लौटने की सलाह दी थी। किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी।

सबसे हृदय विदारक बात यह रही कि नमांश के पिता ने YouTube पर लाइव स्ट्रीम के दौरान अपने बेटे की अंतिम उड़ान देखी। उन्होंने कहा—“मुझे क्या पता था कि मैं अपने बेटे की मौत को लाइव देख रहा हूँ… एक पिता के लिए इससे बड़ा दर्द क्या हो सकता है।”

दादा-दादी के साथ रह रही बेटी, पत्नी ट्रेनिंग पर

हादसे के समय नमांश की पत्नी कोलकाता में ट्रेनिंग पर थीं, जबकि उनकी बेटी कोयंबटूर के सैलूर में दादा-दादी के साथ रह रही थी। अब परिवार के सभी सदस्य पार्थिव देह के साथ हिमाचल पहुंच रहे हैं। अंतिम संस्कार के दौरान मुखाग्नि नमांश के चचेरे भाई द्वारा दी जाएगी।

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