लेह में हिंसक प्रदर्शन: लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर आगजनी और झड़प
लेह/24/09/2025
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई है। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय और पुलिस वैन में आग लगाई, जबकि पथराव भी किया गया। यह प्रदर्शन लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के नेतृत्व में हुआ।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए, जिससे आदिवासी समुदायों को भूमि, संसाधन और सांस्कृतिक संरक्षण का स्वायत्त अधिकार मिल सके। हिंसा उस समय भड़की जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बीजेपी कार्यालय के बाहर इकट्ठा होने से रोकने का प्रयास किया। छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कई वाहनों में आग लगा दी।
इस हिंसक झड़प में किसी के घायल होने की आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन लेह और कारगिल जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
लद्दाख को अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। शुरुआत में स्थानीय निवासी, जिसमें क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी शामिल थे, इस कदम का स्वागत किया था। हालांकि, राजनीतिक रिक्तता और स्थानीय हितों की अनदेखी के कारण असंतोष बढ़ गया। वर्तमान में लद्दाख की 97% आबादी आदिवासी है और वे पूर्ण राज्य का दर्जा, सार्वजनिक सेवा आयोग, दो संसदीय सीटें और छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त प्रशासनिक अधिकार की मांग कर रहे हैं।
इस प्रदर्शन के दौरान छात्र केंद्र सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई और समय पर अपनी मांगों को पूरा करने की उम्मीद कर रहे हैं। LAB ने आंदोलन को गैर-राजनीतिक घोषित किया है और कांग्रेस पार्टी से जुड़े सदस्यों को अलग रहने के लिए कहा है। वहीं, KDA ने पूरे क्षेत्र में पूर्ण बंद का आह्वान किया है।
यह हिंसक झड़प उस समय हुई जब लेह और कारगिल में चल रही भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पहले से ही चर्चा में थे। इस घटना ने लद्दाख आंदोलन को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है।