महासू देवता जागरा पर्व की तैयारियों में जुटा प्रशासन, हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद
विकासनगर/23/08/2025
देहरादून जिले के जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में आस्था और परंपराओं का प्रतीक महासू देवता का जागरा पर्व इस बार 26 और 27 अगस्त को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। हर साल भादो महीने में आयोजित होने वाला यह पर्व हजारों श्रद्धालुओं को देवभूमि की ओर आकर्षित करता है। इस अवसर पर हनोल स्थित महासू देवता मंदिर सहित दसऊ और थैना के सिद्धपीठों में रात्रि जागरण आयोजित होगा, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु हिस्सा लेंगे। वहीं, 27 अगस्त को शुभ मुहूर्त में देवताओं का स्नान (देवनांयणी) कराया जाएगा।
पर्व को लेकर मंदिर समितियां और प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुटा हुआ है। तहसीलदार त्यूणी सुशीला कोठियाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि किसी को असुविधा न हो। हिमाचल और गढ़वाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महासू महाराज के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
गौरतलब है कि महासू देवता को चार भाइयों—पवासी महासू, बाशिक महासू, बौठा महासू और छत्रधारी चालदा महासू—का सामूहिक रूप माना जाता है। बौठा महासू का मुख्य मंदिर हनोल में स्थित है, जबकि बाशिक महासू का मंदिर मेंद्रथ, पवासी महासू का मंदिर ठढियार और छत्रधारी चालदा महासू का वर्तमान प्रवास दसऊ गांव में है। नवंबर में छत्रधारी चालदा महासू दसऊ से हिमाचल के पश्मी क्षेत्र के लिए प्रस्थान करेंगे।
जौनसार बावर के लोग पीढ़ियों से इस पर्व को बड़ी आस्था और उत्साह के साथ मनाते आ रहे हैं। श्रद्धालु रातभर जागरण कर भजन-कीर्तन में भाग लेते हैं और महासू महाराज से सुख-समृद्धि व संरक्षण की कामना करते हैं। इस बार भी जागरा पर्व को लेकर जौनसार बावर से लेकर हिमाचल और गढ़वाल तक लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।